वरुण गांधी रासुका के तहत निरुद्ध

उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वरुण गांधी को भड़काऊ बयान देने और शनिवार को अपनी गिरफ्तारी के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में रविवार की शाम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के प्रधान सचिव विजयशंकर पांडे ने रविवार को लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि वरुण गाँधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगा दिया गया है.
कब लगाया जाता है रासुका
जब कोई देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा बन जाए सामाजिक सौहार्द और क़ानून व्यवस्था के लिए ख़तरा हो हाईकोर्ट के एक मौजूदा और अवकाश प्राप्त जजों का बोर्ड रासुका लगाने के फ़ैसले पर विचार करता है. यदि बोर्ड फ़ैसले को सही पाता है तो एक साल तक ज़मानत नहीं मिलती
वरुण गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगाए जाने के बाद अब उनके लिए जेल से बाहर आना या ज़मानत हासिल करना कठिन हो जाएगा. भाजपा ने राज्य सरकार के इस क़दम पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि वो क़ानूनी रास्ता अपनाएगी.
पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली में कहा, '' इस समय देश में कोई इमरजेंसी नहीं लगी है कि किसी राजनेता के ख़िलाफ़ रासुका लगा दिया जाए. हम क़ानूनी रास्ता अख्तियार करेंगे और इसका विरोध करेंगे.''
और मामले
इससे पहले वरुण गाँधी और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ स्थानीय प्रशासन ने शनिवार की घटना के बाद और आपराधिक मामले दर्ज कराए थे. वरुण गाँधी और उनके समर्थकों पर हंगामा, बलवा, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने, धारा 144 और जनप्रतिनिधित्व क़ानून के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया है.
वरुण पर रासुका की वजह
पीलीभीत के डालगंज में भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक माहौल पैदा किया पीलीभीत के बरखेड़ा में भड़काऊ भाषण से फिर माहौल ख़राब किया 28 मार्च को पुलिस को सूचित कार्यक्रम के विपरीत अदालत में समर्पण का रास्ता और कार्यक्रम बदला. इससे व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा न्यायालय परिसर में भड़काऊ भाषण दिया जिससे व्यवस्था बिगड़ी.... उत्तर प्रदेश सरकार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक भाजपा नेता कलराज मिश्र के ख़िलाफ़ भी धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. वरुण गांधी ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में शनिवार को पीलीभीत की स्थानीय अदालत में समर्पण कर दिया था.
इस दौरान काफ़ी हिंसा हुई थी जिसमें लगभग 50 लोग घायल हो गए थे जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने वरुण गाँधी के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा दर्ज किया गया था. इस मामले में ज़मानत के लिए सोमवार को सुनवाई होगी.
इधर पीलीभीत में स्थिति सामान्य है लेकिन लोग सहमे हुए नज़र आ रहे हैं. पीलीभीत की सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है.


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