नई ईवीएम मशीनों से नहीं हो सकेगी छेड़छाड़

निर्वाचन आयोग को ईवीएम उपलब्ध कराने वाली दो कंपनियों में से एक सार्वजनिक क्षेत्र की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) बेंगलुरू के महाप्रबंधक अमोल नेवास्कर ने कहा कि अप्रैल-मई में होने वाले चुनाव के लिए उपयोग की जाने वाली मशीन में पिछली बार की तुलना में काफी सुधार हुआ है।
नेवास्कर ने बातचीत में कहा कि वर्ष 2000 के बाद से बीईएल 650,000 ईवीएम मशीनों की आपूर्ति कर चुकी है। इस बार निर्वाचन आयोग को भेजी गई मशीनों में ऐसी घड़ी का प्रयोग किया गया है जो मतदान का समय भी दर्ज करेगी।
नेवास्कर के अनुसार निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2009 के चुनावों के लिए 102,000 ईवीएम मशीनों की आपूर्ति का आदेश दिया था और जनवरी में ही उन सभी की आपूर्ति कर दी गई।
बेल के अलावा निर्वाचन आयोग ने हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) को भी ईवीएम मशीनों की आपूर्ति का ठेका दिया है।
ईसीआईएल के अध्यक्ष के.एस.राजशेखर राव के अनुसार उन्होंने निर्वाचन आयोग को नई विशेषताओं वाली 78,000 मशीनों की आपूर्ति की है। वह 31 मार्च तक 3,000 और मशीनों की आपूर्ति करेंगे।
नई ईवीएम मशीन में बेहतर बैटरी लगाई गई है जो 10 मिनट से अधिक उपयोग नहीं होने पर स्वत: बंद हो जाएगी और इसमें कम चार्ज होने पर संकेत के लिए इंडीकेटर भी लगाया गया है।
कर सहित ईवीएम की कीमत 9,800 रुपये है और देश के 828,000 मतदान केंद्रों पर 13.6 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा। भारत सरकार ने नेपाल को 500 ईवीएम की आपूर्ति की है और नामीबिया से इस संबंध में वार्ता कर रही है जिसे 500,000 ईवीएम की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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