आतंकियों से नाता तोड़े आईएसआई: अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रविवार को सीबीएस के साथ बातचीत में कहा, "इनमें कुछ खबरें पुरानी हैं। वहां ऐसी बहुत सी आकस्मिक स्थितियां हैं, जिनसे हमें निपटना होगा।" ओबामा से ऐसी खबरों के बारे में पूछा गया था जिनमें कहा गया था कि आईएसआई के सदस्य तालिबान और अल कायदा की मदद कर रहे हैं।
ओबामा ने कहा,"इसलिए हमें ऐसी रणनीति के तहत आगे बढ़ना होगा जो अल कायदा को हराने पर केंद्रित है।"उन्होंने कहा कि
"अल कायदा को कमजोर या तबाह करने के काम में हमारे सामने काफी रुकावटे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा किया जाना जरूरी है ताकि अल कायदा अमेरिका के लिए खतरा नहीं रहे"।
ओबामा ने कहा, "मेरा मतलब है कि यह बहुत कठिन होगा। मुझे इस बारे में कोई संदेह नहीं है। यदि यह काम आसान होता तो अब तक पूरा हो जाता।" उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन की ओर से शुक्रवार को घोषित की गई अफगानिस्तान पाकिस्तान नीति में आतंकवाद से निपटने के प्रयासों को प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरी ओर फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट्स गेट ने कहा कि नई नीति निश्चित तौर पर अल कायदा को हराने और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों को उनका गढ़ नहीं बनने देने पर केंद्रित है।
उन्होंने आईएसआई के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अतीत में रहे संबंधों पर भी चिंता जाहिर की। गेट्स ने कहा कि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तानियों के इन संगठनों के साथ रिश्ते सोवियत फौजों के साथ संघर्ष के समय से करीब 20 या 25 साल से रहे हैं।
गेट्स ने कहा, "हमें जरूरत इस बात की है कि हम पाकिस्तानियों को मदद दें और यह समझाने की कोशिश करें कि ये आतंकवादी संगठन अब उनके लिए भी गंभीर चुनौती बन चुके हैं और इस काम में अमेरिका उसके साथ डटा रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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