वरुण गांधी को रासुका के तहत निरुद्ध किया गया (लीड-1)
राज्य सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए प्रमुख सचिव (सूचना) विजय शंकर पांडे ने देर रात आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "वरुण द्वारा दिए गए भड़काऊ और सांप्रदायिक भाषणों तथा उसके बाद उनके समर्थकों द्वारा की गई हिंसा और तोड़फोड़ को देखते हुए पीलीभीत के जिला अधिकारी ने वरुण के खिलाफ रासुका लगाया है।"
भाजपा नेता वरुण गांधी ने शनिवार को अदालत में समर्पण कर दिया था। उसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। उनकी जमानत याचिका पर पीलीभीत की एक अदालत में सोमवार को सुनवाई की जानी थी, लेकिन रासुका लगाए जाने के बाद जमानत याचिका बेमतलब हो गई है, क्योंकि रासुका के तहत साल भर तक जमानत का प्रावधान ही नहीं है।
लेकिन इसके बावजूद वे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
पांडे ने कहा, "स्थानीय प्रशासन ने वरुण द्वारा सात मार्च को पीलीभीत के दालचंद इलाके में और आठ मार्च को बारखेरा गांव में दिए गए भाषणों को गंभीरता से लिया।"
वरुण के खिलाफ रविवार को पुलिस द्वारा एक आपराधिक मामला दर्ज कराया गया। इसके तहत उनके ऊपर हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने के अलावा कई अन्य आरोप लगाए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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