16 महीने की बच्ची बनी भारत की सबसे कम उम्र की अंगदाता
भोपाल की रहने वाली यह बच्ची अपने जन्म से ही बिलियरी एट्रेशिया नामक लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। जन्म के तीन महीने बाद ही बेंगलुरू में उसे एक जटिल ऑपरेशन से गुजरना पड़ा था। वहां के डॉक्टरों ने बाद में उसे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में लीवर प्रत्यारोपण के लिए स्थानांतरित कर दिया।
अपोलो अस्पताल के चिकित्सा निदेशक और अभिलाषा के डॉक्टर अनुपम सिबल ने संवाददाताओं को बताया, "अभिलाषा और उसके परिजन भोपाल से हमारे पास लीवर प्रत्यारोपण के लिए आए थे लेकिन उसके मस्तिष्क का सीटी स्कैन करने के बाद पता चला कि वह हाइड्रोसिफैलस से पीड़ित थी। इसका मतलब यह कि उसके मस्तिष्क में पानी भर गया था। ऐसे में हम लीवर प्रत्यारोपण नहीं कर सकते थे।"
सिबल ने कहा कि लीवर प्रत्यारोपण से पहले उसके मस्तिष्क को ठीक किया जाना जरूरी था।
अभिलाषा को जब 28 फरवरी को दिमागी रूप से मृत घोषित कर दिया गया तो उसके परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का निर्णय लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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