पाकिस्तान में आतंकवादियों के कब्जे से मुक्त हुआ प्रशिक्षण केंद्र, 27 की मौत (लीड-6)
हमलावरों ने सबसे पहले ग्रेनेडों से हमला कर वहां मौजूद अधिकत्तर निहत्थे पुलिस कर्मियों और कुछ सशस्त्र सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया। आतंकवादी, जिसमें कुछ पुलिस वर्दी में थे, ने प्रशिक्षण केंद्र की दीवार ढाह दी और परिसर में घुसते हुए गोलियां बरसाने लगे। इसके बाद क्या हुआ किसी को कुछ स्पष्ट तौर पर पता नहीं चला।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक हमलावर परिसर की बनावट के बारे में जानते थे और प्रशिक्षण केंद्र को अपने कब्जे में लेते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। हालांकि कई पुलिसकर्मी मुख्य गेट से भागने में सफल रहे। उन्होंने हमले के बारे में प्रशासन को बताया। इसके बाद परिसर के लिए सुरक्षा बलों को रवाना किया गया, लेकिन उन्हें केंद्र पर कब्जा स्थापित करने में आठ घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।
समाचार चैनल जियो टीवी से आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने कहा, "कार्रवाई खत्म हो गई है और कई आतंकवादियों को जीवित पकड़ा गया है। चार आतंकवादियों को मार गिराया गया है। एक को पहले ही पकड़ा जा चुका था।"
कार्रवाई खत्म होने के बाद सुरक्षा बलों ने परिसर भवन की छत पर चढ़कर हवा में गोलियां चलाई और जीत का जश्न मनाया।
मीडिया ने कहा है कि दो आतंकवादियों ने स्वयं को उड़ा लिया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये किसी संगठन या गुट से संबंध थे या नहीं।
जियो टीवी के अनुसार पुलिस अकादमी परिसर के पास एक गांव में उतरे एक हेलीकाप्टर की ओर बढ़ रहे एक हथियारबंद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो ग्रेनेड भी बरामद हुए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब 10-12 आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया।
यह हमला सुबह सात बजकर 20 मिनट पर हुआ। हमले के समय प्रशिक्षु सुबह की परेड में हिस्सा ले रहे थे।
एक घायल प्रशिक्षु ने जियो टीवी को बताया, "बाहरी दीवार से एक ग्रेनेड परेड ग्राउंड पर दागा गया। उसके बाद सात-आठ ग्रेनेड और भी दागे गए। उसके बाद उन लोगों ने परिसर में दाखिल होकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। यह गोलीबारी करीब 20 मिनट तक जारी रही।"
प्रशिक्षु ने बताया, "हमलोग जमीन पर लेट गए और रेंगकर मुख्य द्वार की ओर बढ़ने लगे, जहां से हमें बचा लिया गया।"
मलिक ने जियो टीवी को बताया कि लाहौर हमला, मुंबई पर 26-29 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों से मिलता-जुलता है। मुंबई हमलों में करीब 170 लोग मारे गए थे।
मलिक ने कहा, "देश पर यह हमला उन ताकतों ने कराया है जो पाकिस्तान में स्थायित्व नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तथा हर स्तर पर तालमेल होना चाहिए।"
मलिक ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की लहर का निशाना बन रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी प्रशिक्षित हैं और आतंक को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
मलिक ने स्वीकार किया कि जिस पुलिस प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाया गया उसके सुरक्षा प्रबंधन में कमियां थीं। परिसर की इमारते आतंकवादी हमले नहीं रोक सकतीं। उन्होंने बताया, "नई इमारतों में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होंगे।"
इससे पहले गत तीन मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के समीप श्रीलंका के क्रिकेट खिलाड़ियों को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें छह सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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