लाहौर में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र पर हमले में 22 मरे, अभियान समाप्त (लीड-1)
लाहौर पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार 22 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि समाचार पत्र द न्यूज ने खबर दी है कि इस घटना में कम से कम 25 लोग मारे गए और 90 से ज्यादा घायल हो गए। रेंजर्स के हवाले से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दो आतंकवादी भी मारे गए हैं।
समाचार चैनल जियो टीवी के अनुसार पुलिस अकादमी परिसर के पास एक गांव में उतरे एक हेलीकाप्टर की ओर बढ़ रहे एक हथियारबंद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो ग्रेनेड भी बरामद हुए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब दस आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया।
यह हमला सुबह सात बजकर 20 मिनट पर हुआ। हमले के समय प्रशिक्षु सुबह की परेड में हिस्सा ले रहे थे।
एक घायल प्रशिक्षु ने जियो टीवी को बताया, "बाहरी दीवार से एक ग्रेनेड परेड ग्राउंड पर दागा गया। उसके बाद सात-आठ ग्रेनेड और भी दागे गए। उसके बाद उन लोगों ने परिसर में दाखिल होकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। यह गोलीबारी करीब 20 मिनट तक जारी रही।"
प्रशिक्षु ने बताया, "हमलोग जमीन पर लेट गए और रेंगकर मुख्य द्वार की ओर बढ़ने लगे, जहां से हमें बचा लिया गया।"
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने जियो टीवी को बताया कि लाहौर हमला, मुंबई पर 26-29 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों से मिलता-जुलता है। मुंबई हमलों में करीब 170 लोग मारे गए थे।
मलिक ने कहा, "देश पर यह हमला उन ताकतों ने कराया है जो पाकिस्तान में स्थायित्व नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तथा हर स्तर पर तालमेल होना चाहिए।"
मलिक ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की लहर का निशाना बन रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी प्रशिक्षित हैं और आतंक को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
मलिक ने स्वीकार किया कि जिस पुलिस प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाया गया उसमें सुरक्षा प्रबंधन में कमियां थीं। परिसर की इमारते आतंकवादी हमले नहीं रोक सकतीं। उन्होंने बताया, "नई इमारतों में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होंगे।"
इससे पहले गत तीन मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के समीप श्रीलंका के क्रिकेट खिलाड़ियों को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें छह सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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