ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण

डीआरडीओ अधिकारियों ने बताया कि सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया और ढाई मिनट के बाद मिसाइल पोखरन रेंज में अपने निशाने से जा टकराई.
मिसाइल के ब्लॉक-2 संस्करण का ये तीसरा परीक्षण था. परीक्षण के दौरान सेना में सैन्य अभियानों के डाइरेक्टर जनरल लेफ़्टिनेंट जनरल एएस सेखों, लेफ्टिनेंट जनरल राओ और मेजर जनरल वीके तीवारी मौजूद थे.
सेना के लिए तैयार की जा रही इस मिसाइल का परीक्षण देखने वालों में रक्षा अनुसंधान विकास संगठन के चीफ़ कंट्रोलर और ब्रह्मोस एरोस्पेस चेयरमैन ए पिल्लई भी मौजूद थे.
सेना में शामिल
रविवार के परीक्षण के बाद अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल के ब्लॉक-2 संस्करण के विकास का चरण पूरा हो गया है और ये सेना में इस्तेमाल के लिए तैयार है.
उनके मुताबिक परीक्षण के सभी मकसद पूरे हो गए हैं.डीआरडीओ ने चार मार्च को भी ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया था.
जनवरी में भी इसका परीक्षण किया गया था लेकिन ये मिसाइल अपना लक्ष्य नहीं भेद पाई थी.
ब्रह्मोस मिसाइल को ज़मीन, पनडुब्बी, जहाज और विमान से प्रक्षेपित किया जा सकता है और ये 200 से लेकर 300 किलोग्राम तक के पारंपरिक हथियार ले जा सकती है.
ब्रह्मोस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस का एनपीओ माशिनिस्त्रोयेमिया मिलकर विकसित कर रहे हैं.
इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है.


Click it and Unblock the Notifications