श्रीलंका में नागरिकों को लेकर चिंता

अमरीका और ब्रिटेन ने भी इस अपील का समर्थन किया है.
संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि श्रीलंका के उत्तर में संघर्ष के इलाक़े में फँसे नागरिकों को निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
मानवाधिकार पर काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इस संघर्ष के कारण हज़ारों नागरिकों पर ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है.
पिछले कुछ हफ़्तों में हुए भीषण संघर्ष में सेना ने तमिल विद्रोहियों को उनके ठिकानों से पीछे खदेड़ दिया है.
तमिल विद्रोही अब मलाइतिवु ज़िले के जंगलों और तटीय क्षेत्रों में एक छोटे से इलाक़े में सिमट गए हैं.
अपील
संयुक्त राष्ट्र के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठनों ने भी नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.
यह बहुत चिंताजनक स्थिति है इसलिए हमारी पहली अपील तमिल विद्रोहियों से है कि वे नागरिकों को सुरक्षित निकलने का अवसर दें जॉन होम्स, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी
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संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के प्रमुख जॉन होम्स ने पत्रकारों से कहा है कि उनकी मुख्य चिंता यह है कि तमिल विद्रोही संघर्ष के इलाक़ों में फँसे नागरिकों को निकलने की अनुमति नहीं दे रहे हें.
उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सरकार से बार-बार अनुरोध कर रही है कि उसे संघर्ष वाले इलाक़े में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए.
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने जॉन होम्स के हवाले से कहा है, "हमने सुझाव दिया है वहाँ संघर्ष में एक मानवीय विराम किया जाए जिससे कि वहाँ फँसे हुए नागरिकों को निकलने की अनुमति दी जाए."
उन्होंने कहा है, "यह बहुत चिंताजनक स्थिति है इसलिए हमारी पहली अपील तमिल विद्रोहियों से है कि वे नागरिकों को सुरक्षित निकलने का अवसर दें."
इंटरनेशनल रेडक्रॉस की कोलंबो प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा है कि श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी इलाक़े में हज़ारों नागरिकों की स्थिति हर दिन ख़राब होती जा रही है.
एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा है कि श्रीलंका में ख़राब होती स्थिति से अमरीका भी चिंतित है.


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