आतंकी गतिविधि की इजाजत नहीं देंगे : जरदारी (लीड-1)
इस्लामाबाद, 28 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान अन्य देशों के खिलाफ आतंकी कार्रवाई के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने कहा कि विवादित 17वां संविधान संशोधन भी वापस ले लिया जाएगा।
जरदारी संसद के एक संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान किसी अन्य राज्य के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए अपनी धरती के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देगा।"
जरदारी ने कहा, "हम अपनी प्रभुसत्ता के साथ छेड़छाड़ की इजाजत भी किसी को नहीं देंगे।"
जरदारी की यह टिप्पणी भारत द्वारा मुंबई हमले में लश्कर-ए-तैयबा की संलिप्ता के संबंध में पाकिस्तान को सौंपे गए सबूतों के प्रकाश में काफी महत्व रखता है।
जरदारी ने कहा कि पंजाब प्रांत से राष्ट्रपति शासन हटा लिया जाएगा और विवादित 17वां संविधान संशोधन भी वापस ले लिया जाएगा।
इस घोषणा के साथ ही विपक्षी नेता नवाज शरीफ की अंतिम दो मांगों के भी पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है और उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की सरकार में वापसी हो सकती है।
जरदारी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, "मैं पंजाब में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति की घोषणा करता हूं। पंजाब किसी को भी अपना मुख्यमंत्री चुन सकता है।"
जरदारी ने कहा, "मैं 17वें संविधान संशोधन की समीक्षा के लिए एक संसदीय समिति के गठन का प्रस्ताव करता हूं। मैं संसद से 17वें संशोधन की समीक्षा शुरू करने का आह्वान करता हूं।"
उन्होंने कहा, "समीक्षा और नए संशोधन में देरी नहीं की जानी चाहिए।"
जरदारी ने संसद से अपील की कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पीएमएल-एन द्वारा संयुक्त रूप से आम चुनाव लड़ने के लिए तय किए गए चार्टर ऑफ डेमोक्रेसी को लागू करने के लिए भी एक रणनीति तैयार की जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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