'कश्मीर मसले से अलग रहेगा अमेरिका'
वाशिंगटन, 28 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह कश्मीर मसले से अलग रहेगा जबकि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अपनी नई रणनीति में भारत तथा क्षेत्र के अन्य प्रमुख देशों को शामिल करने का इच्छुक है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेन जेम्स जोन्स ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, "हम इस मसले से अलग रहना चाहते हैं।" संवाददाताओं ने उनसे जानना चाहा था कि क्या अमेरिका अपने नई क्षेत्रीय दृष्टिकोण के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर सहित अन्य मसलों को सुलझा सकता है।
पाकिस्तान के कबायली इलाकों का हवाला देते हुए जोन्स ने कहा,"लेकिन हम दोनों देशों को विश्वास और भरोसा बनाने में मदद करेंगे ताकि पाकिस्तान अपने पश्चिम हिस्से के मसले सुलझा सके।" ओबामा और अन्य अमेरिकी अधिकारियों ने इन क्षेत्रों को आतंकवादियों का गढ़ करार दिया है।
जोन्स ने कहा, "लेकिन कश्मीर अलग मसला है। लेकिन हमें लगता है कि यह दौर इतना नाजुक है कि हम क्षेत्र में विश्वास और भरोसे का वातावरण तैयार करना चाहते हैं ताकि देश अल कायदा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों की चुनौती से निपट सकें।"
उन्होंने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए नया संपर्क समूह गठित करने की ओबामा प्रशासन की योजना का हवाला देते हुए कहा, "जब अमेरिका प्रयासरत है तो हम अन्य देशों से भी इनमें शामिल होकर प्रयास करने को कहेंगे।"
प्रस्तावित समूह में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो)में अमेरिका के सहयोगी, अन्य सहयोगी देश, मध्य एशियाई देश, खाड़ी देश, ईरान,रूस, भारत और चीन भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा तथा विकास चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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