अदालत ने वरुण को जेल भेजा, पार्टी प्रचार अभियान में भुनाएगी (राउंडअप)
पीलीभीत/लखनऊ, 28 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीलीभीत से उम्मीदवार वरुण गांधी को कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में शनिवार को अदालत ने जेल भेज दिया। इस बीच पार्टी ने कहा कि वह क्षमता के अनुसार चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे।
पीलीभीत में वरुण के साथ रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने शाम में लखनऊ में संवाददाताओं को बताया, "वरुण पार्टी के कार्यकर्ता हैं पीलीभीत से उम्मीदवार हैं। उनकी क्षमता के अनुसार पार्टी उनका उपयोग करेगी।"
मिश्र ने उन सवालों के जवाब में यह टिप्पणी दी जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या पार्टी वरुण को 'हिंदुत्व के नए पोस्टर बॉय' और स्टार प्रचारक के रूप में देख रही है।
इससे पहले पीलीभीत की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने वरुण को 30 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब 30 मार्च को मामले की अगली सुनवाई होगी।
अदालत में समर्पण करने के बाद वरुण ने कहा, "मैं जेल जाने को तैयार हूं।"
अदालत से बाहर निकलने के बाद वरुण को ले जा रही पुलिस की गाड़ी का पीछा करते हुए सैकड़ों समर्थकों को देखा गया। बहुत से लोगों को गाड़ी से लटकते और बोनट पर चढ़ते देखा गया। जिससे पुलिसकर्मियों को काफी कठिनाई हुई।
वरुण को ले जा रहे गाड़ियों के काफिले के स्थानीय जेल के प्रवेश द्वार पर पहुंचने के बाद भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई और पुलिस को उसे काबू में करने के लिए गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए।
अदालत से रवाना होने से पहले वरुण ने कहा, "मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूं और मेरा उसमें पूरा विश्वास है। अगर मेरे जेल जाने से मेरे समाज के लोगों में अपने सिद्धांतों की खातिर लड़ने का विश्वास और ताकत पैदा होती है, तो मैं उसके लिए तैयार हूं।"
वरुण ने कहा, "मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हूं।"
इससे पहले वरुण बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ अदालत परिसर पहुंचे। समर्थकों ने हाथों में भाजपा के झंडे उठा रखे थे और वे वरुण के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
आरंभ में न्यायाधीश ने वरुण के वकीलों को बताया कि उनके खिलाफ कोई वारंट नहीं है और यदि वे समर्पण करना चाहते हैं तो उन्हें एक हलफनामा दायर कर उन धाराओं का उल्लेख करना होगा जिनके तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
वरुण ने पीलीभीत में संवाददाताओं से कहा, "मैं अपने लोगों, अपने समुदाय और अपने देश में विश्वास जगाने का हरसंभव प्रयास करूंगा। मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं अपने सिद्धांतों की खातिर जेल जाने को तैयार हूं।"
इस बीच नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने वरुण के समर्पण और गिरफ्तारी को 'ड्रामा' करार दिया है।
सिब्बल ने कहा, "वरुण गांधी ड्रामा कर रहे हैं। मुझे पक्का यकीन है कि आडवाणीजी इसमें पूरी तरह शामिल हैं। उनकी रजामंदी के बगैर ऐसा नहीं हो सकता था।"
इससे पहले पीलीभीत में जमा हुए लगभग 50 पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर यातायात अवरूद्ध कर दिया था।
पुलिस के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)की धारा 144 के तहत गैर कानूनी तौर पर एकत्र होने के कारण गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पीलीभीत सीमा पर सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं।
जिला भाजपा अध्यक्ष योगेंद्र गंगवार ने आईएएनएस को बताया, " भैया(वरुण गांधी)के पक्ष में नारे लगा रहे हमारी पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।"
इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने वरुण के वकील द्वारा उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी वापस लिए जाने के बाद उसे खारिज कर दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 मार्च को वरुण को अग्रिम जमानत दी थी जिसकी अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई।
भड़काऊ भाषण देने के आरोप में वरुण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications