कोडनानी व पटेल 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए
गुजरात उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष शुक्रवार को आत्मसपर्मण करने वाली कोडनानी और पटेल ने पूरी रात गांधीनगर के पुराने सचिवालय में स्थित एसआईटी के दफ्तर में गुजारा।
एसआईटी ने दोनों से पूछताछ के लिए अदालत से 14 दिन की हिरासत की मांग की लेकिन अदालत ने दोनों को चार दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
अदालत का आदेश आते ही दोनों को पुलिस वैन से गांधीनगर ले जाया गया।
कोडनानी इस वर्ष जनवरी से ही गिरफ्तारी से बचती आ रही थी। अंतत: शुक्रवार को उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
इस बीच कोडनानी की गिरफ्तारी के विरोध में नरोदा क्षेत्र में दुकानें बंद रहीं। पुलिस ने इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इन क्षेत्रों से हिंसा की कोई खबरें नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि कोडनानी का नाम सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा नारोदा गाम और नारोदा पाटिया में दंगों के लिए उकसाने वालों में शुमार किया गया है। इन जगहों पर 27 फरवरी 2002 के गोधरा कांड के तत्काल बाद दंगे भड़क उठे थे।
उच्च न्यायालय के समक्ष दाखिल अपनी याचिका में एसआईटी ने कहा है कि गवाहों द्वारा नाम लिए जाने के बाद से ही कोडनानी गिरफ्तारी से बच रही हैं। गवाहों ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने उस दिन मंत्री को उन इलाकों में देखा था।
गवाहों ने एसआईटी को बताया कि उन्हें धमकाया जा रहा है और मंत्री के खिलाफ आरोप वापस लेने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।
गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में 1180 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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