पंजाब और हरियाणा में क्षेत्रीय दलों की छांव तले ही खुश है भाजपा
चंडीगढ़, 28 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब और हरियाणा में बड़ा जनाधार बना पाने में असफल रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों की छांव तले रहने को मजबूर है।
पंजाब में भाजपा, अकाली दल के नेतृत्व वाली सरकार में साझेदार है जबकि हरियाणा में उसने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलोद) से हाथ मिला रखा है।
अकाली दल ने पंजाब में भाजपा को 13 में से तीन लोकसभा सीटें दी हैं जबकि हरियाणा में इनेलोद और भाजपा दोनों पांच-पांच सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।
अकाली दल और इनेलोद के साथ कई मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद भाजपा इनका दामन थामे रहने को मजबूर है क्योंकि इन राज्यों में इसे अपना अस्तित्व बनाए रखना है।
यद्यपि भाजपा नेता इस बात से इंकार करते हैं कि पार्टी इन राज्यों मे दोयम दर्जे की भूमिका निभा रही है। पंजाब में भाजपा के प्रमुख राजेंद्र भंडारी ने आईएएनएस को बताया, "अकाली दल के साथ पार्टी का गठजोड़ अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों दलों के संबंध सौहार्दपूर्ण रहे हैं और हमें उम्मीद है कि हमारा साथ लंबा चलेगा। राज्य में सभी मसलों पर निर्णय की प्रक्रिया में भाजपा बराबर की भागीदार है। हमने पार्टी हितों की देखरेख के लिए विशेष समन्वय समिति बनाई है।"
हरियाणा में भाजपा और इनेलोद के रास्ते सन 2005 में अलग हो गए थे और दोनों दलों ने वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में भी अलग अलग जोर आजमाईश की थी। परंतु पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने एक बार फिर इनेलोद पर भरोसा दिखाया है हालांकि इनेलोद, भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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