असम में आडवाणी के बयान को लेकर विवाद
गुवाहाटी, 27 मार्च (आईएएनएस)। असम में एक चुनावी सभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के उस एलान से बवाल खड़ा हो गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनेगी तो प्रदेश के दो समुदायों के लिए एक स्वायत्त राज्य बनाया जाएगा।
आडवाणी के इस एलान पर असम के कुछ प्रभावशाली संगठनों ने आरोप लगाया है कि भाजपा चुनावी फायदे के लिए राज्य को विभाजित करने का प्रयास कर रही है।
असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद के सलाहकार दिलीप पटगिरी ने आईएएनएस से कहा, "संविधान के अनुच्छेद 244(ए) में कारबी और दिमासा समुदायों के लिए स्वायत्त राज्य का प्रावधान होने के बावजूद कोई भी असम का बंटवारा नहीं चाहता। राज्य को अधिक शक्ति या पूर्ण स्वायत्ता देने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन राज्य का बंटवारा नामंजूर है।"
राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एन. एन. दास ने कहा, "आडवाणी का बयान हास्यासपद है। जातीय आधार पर राज्य का बंटवारा कोई नहीं चाहता और न ही कोई इसे स्वीकार करेगा।"
असम गण परिषद (अगप) के पूर्व नेता और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति देबो प्रसाद बरुआ ने कहा कि वह भाजपा नेता के बयान से अचंभित हैं। भाजपा की राय अपनी सहयोगी अगप से बिल्कुल अलग है।
गौरतलब है कि बुधवार को राज्य के कारबी अंगलांग जिले में एक चुनावी सभा में आडवाणी ने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर कारबी और दिमासा समुदाय के लिए दो पर्वतीय जिलों में एक स्वायत्त राज्य को मान्यता दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications