वर्ष 2009 में अर्थव्यवस्था की हालत होगी और खराब : अहलूवालिया
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सात फीसदी से कम रहेगी।
अहलूवालिया ने यहां आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन और सालाना बैठक में कहा, "दुनिया पिछले 60 वर्षो के इतिहास की सबसे गहरी त्रासदी से गुजर रही है।"
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह समस्या 2009-10 में खत्म हो जाएगी। हमारे नवीनतम आकलन के मुताबिक वर्ष 2009 तो पिछले साल से भी ज्यादा खराब साबित होगा।"
अहलूवालिया ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेजों के कारण 2008-09 में देश का राजकोषीय घाटा भी पहले के मुकाबले अधिक होगा।
केंद्र सरकार ने गत वर्ष बजट पेश करते समय राजकोषीय घाटे के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था लेकिन पिछले महीने पेश किए गए अंतरिम बजट में उसे संशोधित कर छह फीसदी कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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