युद्ध अपराधियों की सुनवाई के लिए 1973 के कानून का सहारा लेगा बांग्लादेश
बांग्लादेश के गृह राज्य मंत्री अहमद सोहेल ताज ने मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद मीडिया को बताया, "हमने युद्ध अपराधियों के मामलों की सुनवाई के लिए अंतर्राष्ट्रीय अपराध (पंचाट) अधिनियम 1973 का अध्ययन किया है.. सरकार जल्द से जल्द इन मामलों की सुनवाई पूरी करेगी।"
कानून मंत्री शफीक अहमद ने इससे पहले घोषणा की थी कि सुनवाई के मामले में अंतिम निर्णय सन 1973 के अधिनियम के अंतर्गत ही किया जाएगा।
अहमद ने बताया कि इसके लिए तीन से चार सदस्यों वाल एक या अधिक पंचाटों का गठन किया जाएगा ताकि सन 1971 के युद्ध अपराधियों को जल्द से जल्द सजा सुनाई जा सके।
उल्लेखनीय है कि सन 1973 का अधिनियम मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता और मुक्ति संग्राम की अगुवाई करने वाले शेख मुजीबुर रहमान द्वारा पारित किया गया था लेकिन सन 1973 में उनके द्वारा घोषित आम माफी और 1975 में उनकी हत्या के बाद देशद्रोहियों के मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया ठप्प हो गई थी।
उल्लेखनीय है कि सन 1971 में हुए बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना और उसके स्थानीय समर्थकों ने करीब 30 लाख लोगों की हत्या कर दी थी। इसके अलावा 2,69,000 महिलाओं पर अत्याचार हुए और हजारों घरों को आग लगा दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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