पाक मीडिया में भी छाए वरुण गांधी

varun gandhi
इस्लामाबाद। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वरुण गांधी अपने भड़काऊ बयान के कारण न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

वरुण का देश के सबसे ऊंचे सियासी खानदान नेहरु-गांधी परिवार से जुड़ा होना भी इसका एक कारण है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते वरुण गांधी की मुस्लिम विरोधी बयानबाजी को पाक की मीडिया में काफी तूल दिया जा रहा है। खासकर ब्लॉग की दुनिया में तो वरुण हर ओर छाए हुए हैं।

वरुण गांधी अपने बयान के कारण पाकिस्तान में रातों रात सुर्खियों में आ गए। हालांकि यह बात अलग है कि अधिकांश लोगों के मन में इस युवा नेता के प्रति नकारात्मक छवि ही बनी है।

पाकिस्तान में डान, द न्यूज और नेशन जैसे अग्रणी अखबारों में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में लिखने वाले वरिष्ठ स्तंभकार रजा रमी ने अपने ब्लॉग जहान ए रमी और रजा रमी डॉट कॉम में वरुण गांधी को 'सिरफिरा', 'धर्मांध और कट्टरवादी' बताते हुए उनके भाषण को मजहबी तथा नफरत फैलाने वाला बताया है।

कुछ लोगों ने तो वरुण को भारत का अगला नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान में 'नफरत गुरु' के खिताब से नवाजे गए बाल ठाकरे का नाम दिया है।

इसी तरह 'पाक टी हाउस' नाम के एक अन्य चर्चित ब्लॉग पर वरुण गांधी और उनका बचाव करने वाले समर्थकों को शर्म करने की नसीहत दी गई है और ऐसे लोगों को पाक के लिए भी खतरनाक बताया गया है।

कुछ बुद्धिजीवियों ने ब्लॉग अलमशा डॉट सुलेखा ब्लॉग पोस्ट पर लिखा है कि कट्टरता के समर्थक हिंदुत्ववादी सही मायनों में हिंदू नहीं हैं। ठीक उसी प्रकार जैसे आतंकवादी सच्चे मुसलमान नहीं हैं।

इस सवाल पर कि वरुण गांधी को मुसलमानों से नफरत क्यों है? कुछ लोगों ने इसका कारण संजय गांधी की मौत के बाद परिवार में वरुण की मां मेनका गांधी के साथ हुआ सौतेला व्यवहार बताया तो किसी ने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक स्टंट मात्र करार दिया है।

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