कुपवाड़ा मुठभेड़ में 17 चरमपंथी मारे गए

इस बीच चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा ने इस बात की पुष्टि की है कि मुठभेड़ में मार गए चरमपंथी उसके सदस्य हैं.
संगठन के प्रवक्ता डॉक्टर अब्दुल्ला ग़ज़नवी ने बीबीसी से टेलीफ़ोन पर हुई बाचतीच में बताया कि मुठभेड़ में केवल दस चरमपंथी और सेना के 25 जवान मारे गए हैं.
सेना के मुताबिक़ मुठभेड़ में अबतक 17 चरमपंथी और आठ जवान मारे गए हैं. इसमें मारे गए चरमपंथियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.
बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के मुताबिक़ यह सेना और चरमपंथियों के बीच इस साल सबसे अधिक समय तक चलने वाली मुठभेड़ है.
चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा ने मुठभेड़ में अपने सदस्यों के शामिल होने का दावा किया है दावा किया है.
लश्कर का दावा
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर गुरमीत सिंह ने श्रीनगर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, "मुठभेड़ में मारे गए चरमपंथियों को पाकिस्तान की नागरिक और सुरक्षा एजेंसियों से मदद मिली हुई थी."
उन्होंने कहा कि मारे गए चरमपंथियों के पास से मिले नक्शे और संचार उपकरण इस बात की ओर की इशारा करते हैं कि उन्हें राज्य और सुरक्षाबलों की मदद मिली हुई है. जो सामान उनके पास से मिले हैं वे नागरिक इलाक़ों में उपलब्ध नहीं हैं.
सभी चरमपंथी मार दिए गए हैं अगर कोई बचा भी है तो उसे भी मार गिराया जाएगा ब्रिगेडियर गुरमीत सिंह
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ब्रिगेडियर सिंह ने कहा, "चरमपंथी प्रशिक्षित थे और सभी तरह के साज़ो-सामान से लैस थे. उन्हें इलाक़े की पूरी जानकारी थी. इससे सेना को अधिक नुक़सान उठाना पड़ा."
उन्होंने कहा कि सभी चरमपंथी मार दिए गए हैं अगर कोई बचा भी है तो उसे भी मार गिराया जाएगा.
सेना के मुताबिक दोनों तरफ़ की नियंत्रण रेखा से मिली पुख़्ता जानकारी के बाद ही यह अभियान शुरू किया गया था.
उन्होंने बताया कि नियंत्रण रेखा पर इस समय छह से आठ फ़ुट तक बर्फ जमी हुई है इसके बाद भी चरमपंथियों के बड़े समूह घुसपैठ की इंतज़ार में हैं. जिसे रोकने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार हैं.
ब्रिगेडियर सिंह के मुताबिक घाटी में इस समय तीन से चार सौ चरमपंथी सक्रिय हैं.


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