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इफ़्तिख़ार चौधरी ने फिर काम संभाला

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इफ़्तिख़ार चौधरी ने फिर काम संभाला

पाकिस्तान में विपक्ष और वकीलों के प्रदर्शनों के बाद बहाल हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी ने फिर से काम संभाल लिया है.

विपक्षी दलों और वकीलों के प्रदर्शनों के बाद सरकार ने उन्हें बहाल करने की घोषणा की थी.

वैसे तो उन्हें शनिवार को आधी रात को उन्हें बहाल कर दिया गया था लेकिन सोमवार को शासकीय अवकाश होने के कारण वे मंगलवार को पहली बार काम संभालने पहुँचे.

इस्लामाबाद में जब इफ़्तिख़ार चौधरी काम संभालने पहुँचे तो उनके समर्थकों ने उन पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बरसाईं.

उन्होंने वकीलों से अपील की है कि वे न्यायपालिका से भ्रष्टाचार को ख़त्म करें.

इफ़्तिख़ार चौधरी को पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बर्खास्त कर दिया था. लेकिन विपक्षी दलों और वकीलों के भारी प्रदर्शन के बाद सरकार ने उन्हें बहाल करने की घोषणा की थी.

भ्रष्टाचार दूर करने की अपील

इफ़्तिख़ार चौधरी जब अदालत पहुँचे तो ढाई सौ से अधिक वकीलों ने नाचते हुए उन पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बरसाईं और गुब्बारे छोड़कर खुशी का प्रदर्शन किया.

इफ़्तिख़ार चौधरी ने अपने समर्थकों से कहा, "यह बहुत संतोष की बात है कि इतने लंबे समय बाद अदालत को उसके पुराने स्वरुप में स्थापित कर दिया गया है."

अपील इस संस्थान में भ्रष्टाचार है और इसे बिना वकीलों की सहायता के दूर नहीं किया जा सकता इफ़्तिख़ार चौधरी

इस संस्थान में भ्रष्टाचार है और इसे बिना वकीलों की सहायता के दूर नहीं किया जा सकता

उन्होंने कहा, "इस संस्थान में भ्रष्टाचार है और इसे बिना वकीलों की सहायता के दूर नहीं किया जा सकता."

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "इस अदालत के अधिकारी होने के नाते मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ कि पहले अपना घर ठीक करें."

परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश के पद से बर्खास्त कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि इफ़्तिख़ार चौधरी उन्हें सेना प्रमुख रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक सकते हैं.

आसिफ़ अली ज़रदारी की सरकार ने वादा किया था कि वे सत्ता में आए तो इफ़्तिख़ार चौधरी को बहाल कर देंगे.

लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. माना जाता है कि नए राष्ट्रपति ज़रदारी इस बात से नाख़ुश थे कि इफ़्तिख़ार चौधरी ने आसिफ़ अली ज़रदारी के पाकिस्तान लौटकर चुनाव लड़ने के परवेज़ मुशर्रफ़ के निर्णय को चुनौती दी थी.

यदि यह निर्णय उलट दिया जाता तो आसिफ़ अली ज़रदारी और उनकी पत्नी बेनज़ीर भुट्टो पर भ्रष्टाचार का मामाल फिर से चलाया जा सकता था.

इफ़्तिख़ार चौधरी की बहाली की मांग को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) में मतभेद भी हो गए थे.

बाद में पीएमएल (एन) के नेता नवाज़ शरीफ़ ने इफ़्तिख़ार चौधरी की बहाली के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था.

इस आंदोलन ने पश्चिमी देशों को भी चिंतित कर दिया था और पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने इफ़्तिख़ार चौधरी को बहाल करने के फ़ैसले का स्वागत किया था.

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