चीन ने कहा तिब्बत वीडियो झूठा

माना जा रहा है कि इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे प्रदर्शनकारियों को चीनी सुरक्षाकर्मियों लाठियों से मार रहे हैं.
तिब्बतियों की पिटाई का अपुष्ट वीडियो
निर्वासित तिब्बती सरकार का कहना है कि ये फ़ुटवेज चीन की बर्बरता दिखाता है. लेकिन एक चीनी अधिकारी ने कहा है कि इस वीडियो में कई तस्वीरें और आवाज़ें अलग-अलग जगहों से लेकर डाली गई हैं.
हाल ही में यू ट्यूब को चीन में ब्लॉक कर दिया गया था. माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इस पर विवादित वीडियो डाला गया था.
विवादित वीडियो
इस वीडियो को निर्वासित तिब्बती सरकार ने यू ट्यूब पर पिछले हफ़्ते डाला था और इसकी स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो पाई है.
लेकिन दलाई लामा के प्रतिनिधि ने कहा कि फ़ुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि पुलिस प्रदर्शकारियों को मार रही है. निर्वासित सरकार का ये भी कहना है कि फ़ुटेज में एक तिब्बती सैनिक तेंदर भी है जिसकी पिटाई के बाद मौत हो गई.
कहा जा रहा है कि तेंदर अपने दफ़तर की ओर जा रहे थे जब उनकी पिटाई की गई. तेंदर एक तिब्बती भिक्षु को चीनी पुलिस अधिकारियों से बचा रहे थे.
फ़ुटेज का कुछ हिस्सा लहासा के आस-पास शूट किया गया था. पिछले मार्च तिब्बती इलाक़ों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे.
लेकिन चीनी सरकारी अधिकारी ने शिन्हुआ एजेंसी से बातचीत में कहा है कि वीडियो झूठा है. उनका कहना था, "तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो और ऑडियो का संपादन किया गया ताकि अलग-अलग जगहों से फ़ुटेज को जोड़ा जा सके. तेंदर की मौत बीमारी से हुई. वैसे भी वीडियो में दिखाया गया व्यक्ति तेंदर नहीं है."
तिब्बत की निर्वासित सरकार के मुताबिक पिछले साल हुए प्रदर्शनों के दौरान 220 तिब्बती मारे गए थे और 1300 लोग घायल हो गए थे.


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