वरुण सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे, नीतीश ने कानूनी कार्रवाई की मांग की (राउंडअप)
उधर भाजपा की प्रमुख सहयोगी पार्टी जनता दल-युनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने वरुण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ज्ञात हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को वरुण गांधी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक मजबूत मामला बनता है।
न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति एस.सी.निगम की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, "प्रथम दृष्टया वरुण गांधी के खिलाफ मजबूत मामला बनता है।"
न्यायमूर्ति मुर्तजा ने कहा, "जब अग्रिम जमानत दिल्ली उच्च न्यायालय से मिल चुकी है तो फिर इसी तरह की राहत दूसरी अदालत से क्यों मांगी जा रही है। "
इस पर वरुण गांधी के वकील गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका इसलिए दाखिल की, क्योंकि उत्तर प्रदेश की पुलिस कह सकती है कि पीलीभीत का मामला दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
चतुर्वेदी ने बताया कि वरुण गांधी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए वे अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
वरुण गांधी ने गत 19 मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पीलीभीत में अपने आपत्तिजनक भाषण के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत की मांग की थी। याचिका में वरुण ने राजनीतिक साजिश के तहत खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया था।
पीलीभीत में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पुलिस ने वरुण गांधी के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।
चुनाव आयोग ने इस संबंध में वरुण गांधी एवं भाजपा को नोटिस भी जारी किया था।
इससे पहले वरुण को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गत 20 मार्च को अग्रिम जमानत दे दी थी जो केवल एक सप्ताह के लिए वैध थी। अग्रिम जमानत की वैधता समाप्त होने में अब केवल दो दिन बाकी हैं।
दूसरी ओर वरुण गांधी ने अपने समर्थन के लिए बुधवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे का आभार जताया।
शिवसेना के मुखपत्र सामना में वरुण के हवाले से कहा गया है कि वह ठाकरे द्वारा व्यक्त किए गए समर्थन के प्रति उनके आभारी हैं।
ठाकरे ने इस विवाद पर अपनी टिप्पणी में कहा था कि उन्हें चुनावी रैली में वरुण की कही गई बातों में कोई खराबी महसूस नहीं हुई।
ठाकरे ने सामना के संपादकीय में लिखा था, "वे ऐसे गांधी हैं जिन्हें हम पसंद करते हैं। वरुण ने सच बोला है और उन्हें किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पुत्र वरुण ने पहले कहा था कि उनकी सीडी के साथ छेड़छाड़ की गई है।
लेकिन यहीं पर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बुधवार को अपने चचेरे भाई वरुण गांधी के भड़काऊ भाषणों पर आश्चर्य व्यक्त किया। राहुल ने कहा कि वह घृणा और गुस्से से कोई संबंध नहीं रखते।
पुडुचेरी में एक संवाददाता सम्मेलन में राहुल ने कहा, "उनके विचारों से मैं आश्चर्यचकित हूं।"
उन्होंने कहा कि वरुण के बयान उनके व्यक्तिगत विचार हैं।
उधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो वरुण गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर दी है। जबकि कुमार भाजपा की प्रमुख सहयोगी पार्टी जद-यू के नेता हैं।
नीतीश ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मेरा स्पष्ट मानना है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं मानता हूं कि वास्तव में वे कानूनी कार्रवाई से बच भी नहीं सकते।"
वरुण को पीलीभीत से उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि उनकी पार्टी किसी राजनीतिक दल की सलाहकार नहीं है।
उधर भाजपा वरुण को उम्मीदवार बनाने को लेकर अड़ी हुई है। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार अपना विचार रखने को स्वतंत्र हैं लेकिन वरुण हमारे उम्मीदवार बने रहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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