चेक बाउंस होने पर पूर्व उप राज्यपाल को सजा
इनकी एक कंपनी ने वर्ष 1998 में एक चेक जारी किया था जो बाउंस हो गया। शिकायतकर्ताओं की योजना और अधिक मुआवजा राशि के लिए फिर से अदालत की शरण में जाने की है।
90 वर्षीय छिब्बर और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवकाश प्राप्त अधिकारी 96 वर्षीय एस. के. छाबरा को मंगलवार को एक स्थानीय अदालत ने 1998 में हुए चेक बाउंस के आरोप में सजा सुनाई। यह मामला हिमाचल प्रदेश के लालगढ़ में स्थित टेक्सटाइल कंपनी गोंनटेरमन्न पेइपर्स ने दाखिल किया था।
छिब्बर जून 1974 से सिंतबर 1977 तक मिजोरम के उप राज्यपाल रहे। मामला दर्ज होने के वक्त छाबरा विवानी डेनिम और एपैरेल्स के निदेशक थे। कंपनी के तीन अन्य अधिकारियों महाप्रबंधक वी. के. गर्ग व सरवन साहनी और एक निदेशक को भी सजा सुनाई गई है।
गोंटरमन्न पेइपर्स ने मामला उस वक्त दाखिल किया था जिब विवानी डेनिम की ओर से जारी 86 लाख के छह चेक बाउंस हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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