भारत व बांग्लादेश ने नदी व्यापार और पारगमन समझौते को आगे बढ़ाया
इसके साथ ही विशेषज्ञों के लिए बांग्लादेश के नए बंदरगाहों के माध्यम से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचने की संभावनाएं तलाशने का काम आसान हो गया है।
सन 1980 में हुई इस संधि की अवधि अगले दो वर्षो के लिए बढ़ाई गई है। इस बीच यह तय किया गया कि अगले महीने से तकनीकी समितियों के काम शुरू करने के बाद इस संबंध में अनुशंसाएं की जाएंगी।
भारत के सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विजय छिब्बर ने बांग्लादेश के जहाजरानी मंत्रालय के प्रभारी सचिव मसूद इलाही के साथ इस संबंध में दो दिवसीय बातचीत के बाद संवाददाताओं से कहा, "नए बंदरगाहों को शामिल किए जाने के पहले तकनीकी समिति इस प्रस्ताव पर विचार करेगी और अप्रैल में होने वाली बैठक में अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी।"
समाचार पत्र न्यू एज द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी के मुताबिक दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि समझौते के नवीनीकरण से उनके बीच आपसी व्यापार में इजाफा होगा।
उल्लेखनीय है कि भारत लंबे समय से मांग करता रहा है कि आशुगंज बंदरगाह को संधि में शामिल किया जाए ताकि उसके लिए कोलकाता से बांग्लादेश के रास्ते अगरतला तक परिवहन व्यवस्था बेहतर हो सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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