एआईजी के अधिकारी बोनस लौटाने को तैयार

सरकारी सहायता लेने वाली इंश्योरेंस कंपनी एआईजी में बोनस बाँटने से पैदा हुई नाराज़गी के बाद शीर्ष अधिकारियों ने बोनस का पैसा लौटाने की बात कही है.
एटॉर्नी जनरल एंड्रूय क्यूयोमो ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि बोनस के रुप में बाँटे गए साढ़े 16 करोड़ डॉलर में से साढ़े आठ करोड़ डॉलर वापस मिल जाएँगे.
15 मार्च को बाँटे गए इस बोनस से अमरीका में भारी नाराज़गी का वातावरण बन गया था और राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इससे ख़ासे नाराज़ थे. मंदी की चपेट में आई एआईजी को बचाने के लिए सितंबर 2008 के बाद से 170 अरब डॉलर रुपए की सरकारी सहायता दी जा चुकी है.
वर्ष 2008 की अंतिम तिमाही में एआईजी को 61.5 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था जो उसके व्यावसायिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा नुक़सान था.
ऐसे समय में जब एआईजी डूब रही थी और उसे उबारने के लिए सरकारी सहायता दी जा रही थी, उसने अपने चार सौ कर्मचारियों को बोनस दिया था.
प्रयास
एटॉर्नी जनरल ऐसी कई कंपनियों की जाँच कर रहे हैं जिन्हें डूबने से बचाने के लिए सरकारी सहायता दी गई है. उनका कहना है कि 20 में 15 शीर्ष अधिकारियों ने बोनस में मिली राशि को लौटाने की बात कही है.
लेकिन बचे हुए कर्मचारी और अधिकारी जिनमें से अधिकांश दूसरे देशों में कार्यरत हैं इस राशि को लौटाने के इच्छुक नहीं हैं. एटॉर्नी जनरल एंड्रूय क्यूयोमो का कहना है कि वे उन अधिकारियों का नाम सार्वजनिक करेंगे जिन्होंने बोनस की राशि लौटाने की बात कही है.
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग बोनस की राशि नहीं लौटाना चाहते उनकी नौकरियों पर कोई आँच नहीं आने वाली है और उनके नाम भी सार्वजनिक नहीं किए जाएँगे.
बोनस दिए जाने की ख़बर आने के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारी नाराज़गी जताई थी और इसके बाद संसद की प्रतिनिधि सभा ने एक विधेयक को मंज़ूरी दी थी जिसके तहत सरकारी सहायता लेने के बाद बोनस बाँटने वाली कंपनियों में बोनस पर 90 प्रतिशत टैक्स वसूलने का प्रावधान किया गया था.
बीबीसी संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि बोनस का पैसा लौटाने की घोषणा इस कोशिश का हिस्सा है कि यह विधेयक कभी क़ानून न बन सके.


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