कांग्रेस ने विपक्ष की खिल्ली उड़ाई, मनमोहन ने आडवाणी को ललकारा (राउंडअप)
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा पार्टी की ओर से आगामी पूरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मनमोहन सिंह ने मुस्लिम विरोधी टिप्पणी के लिए भाजपा उम्मीदवार वरुण गांधी की और उनका टिकट नहीं काटने के लिए भाजपा की निंदा की।
अप्रैल-मई में होने वालों चुनावों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने मुंबई पर आतंकवादी हमले के दोषियों को दंड देने का पाकिस्तान से आग्रह किया और कहा कि देश में गरीबी को समाप्त करने में 10 से 15 वर्ष का समय लगेगा।
आडवाणी द्वारा कमजोर प्रधानमंत्री बताए जाने पर टिप्पणी के लिए कहे जाने पर मनमोहन सिंह ने आडवाणी को अवसरवादी करार दिया और कहा कि 'राष्ट्र के कल्याण' में उनका एकमात्र योगदान बाबरी मस्जिद विध्वंस में उनकी भूमिका है।
आडवाणी की ओर से लगातार की जा रही कांग्रेस की आलोचना पर प्रधानमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के इस नेता ने 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाकर ही प्रमुख भूमिका निभाई थी जिसकी वजह से हिंदू-मुस्लिम हिंसा भड़क उठी थी।
मनमोहन सिंह ने कहा, "जब वह गृहमंत्री थे, संसद पर आतंकवादी हमला हुआ।" उन्होंने कहा कि इसकी वजह से सीमा पर फौज का बड़ी संख्या में जमावड़ा किया गया।
उन्होंने कहा, "बिना किसी नतीजे के हमने सेना को वापस बुला लिया। संसद भवन पर हमला हुआ, लालकिले पर हमला हुआ, इंडियन एयरलाइंस का विमान अगवा हुआ और आतंकवादियों को रिहाकर उन्हें पुरस्कृत किया गया। यह है आडवाणी का रिकार्ड।"
उन्होंने कहा, "जब गुजरात में निर्दोषों का नरसंहार हुआ, आडवाणी गृहमंत्री थे। उन्हें देश को बताना चाहिए कि क्या वह प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए उपयुक्त हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी को कट्टर हिंदू के रूप में देखा जाता रहा है लेकिन पाकिस्तान जाने पर उन्होंने अवसरवादिता का परिचय दिया। "वहां अचानक उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना के नए गुणों को खोज निकाला। जब वे लौटे तो उनकी पार्टी ने उन्हें ठुकरा दिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उनके आकाओं ने उन्हें ठुकरा दिया और उनके बहुत से सहयोगियों ने उन्हें ठुकरा दिया।"
उन्होंने कहा, "वे सशक्त इंसान हैं या कमजोर इंसान हैं, रिकार्ड्स को स्वयं बताने दीजिए।"
इससे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की ओर से मौजूदा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही आगामी आमचुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। अपने स्वयं के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए देश में सबसे बेहतर उम्मीदवार मनमोहन सिंह ही हैं।
सोनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री पद के लिए कई उम्मीदवार हो सकते हैं पर मनमोहन सिंह इन सबकी तुलना में बेहतर हैं। उनके पास योग्यता भी है और अनुभव भी। " कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी स्वयं की प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की पिछले पांच साल की उपलब्धियों के मद्देनजर लोग कांग्रेस के पक्ष में ही मतदान करेंगे।
उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, "मैं इस मसले पर अपना रूख तय कर चुकी हूं और इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा। कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए मनमोहन सिंह दावेदार हैं। इससे ज्यादा मैं क्या कह सकती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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