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कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा कानून के साथ ही मध्य मार्ग पर चलने का वादा किया

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा यहां जारी किए गए पार्टी के घोषणा पत्र में कहा गया है, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वृद्धि की रफ्तार बनाए रखने के लिए जरूरी उपाय अपनाएगी।"

घोषणा पत्र में आगे कहा गया है, "नए उपायों का लक्ष्य घरेलू अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों के पास खरीदारी की अधिक क्षमता रहे तथा कंपनियों के पास अधिक नकदी बनी रहे।"

पार्टी की ओर से कहा गया है कि वह वैश्वीकरण और स्वदेशी विकास, शहरी और ग्रामीण जरूरतों, कानून और उद्यमिता, संगठित और असंगठित क्षेत्र तथा आधुनिक व पारंपरिक उद्योगों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए बीच का रास्त अपनाएगी।

घोषणा पत्र में कहा गया है, "संतुलन या मध्य मार्ग भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियों की हमेशा से पहचान रही है। आज इस संतुलन की सबसे ज्यादा जरूरत है।"

कांग्रेस के 33 पृष्ठों के इस घोषणा पत्र में कहा गया है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था ने 50 वर्षो में जिस बुरे संकट का सामना किया है, कांग्रेस उससे पूरी तरह परिचित रही है।

घोषणा पत्र में कहा गया है, "यह संकट अमेरिका और अन्य विकसित देशों ेके वित्तीय बाजारों की विफलता के कारण पैदा हुआ है।"

घोषणा पत्र में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अति विपरीत अंतर्राष्ट्रीय स्थितियों के बीच भी संतोषजनक वृद्धि प्रदर्शित की है। यह कांग्रेस सरकार की नीतियों का ही परिणाम है।

घोषणा पत्र में आगे कहा गया कि पूर्व की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल के दौरान आर्थिक वृद्धि की दर प्रति वर्ष मात्र 5.8 प्रतिशत थी। जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पांच वर्षो के कार्यकाल के दौरान वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही है।

कांग्रेस के घोषणा पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2008-09 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मुश्किल भरा वर्ष रहा है। फिर भी इस दौरान वृद्धि दर 7 प्रतिशत के आसपास रही है।

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि वह अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिलाने के लिए सकारात्मक कार्रवाई के प्रति बचनबद्ध है। इस मुद्दे पर एक राष्ट्रीय बहस पहले ही शुरू की जा चुकी है।

घोषणा पत्र में सभी समुदाय के कमजोर वर्गो के लिए भी आरक्षण का प्रावधान करने वादा किया गया है। कहा गया है कि इसके लिए अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग को दी जाने वाली आरक्षण सुविधा के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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