चुनाव आयोग ने वरुण को दोषी पाया

वरुण गांधी पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप है. पीलीभीत से भाजपा उम्मीदवार 29 वर्षीय वरुण गांधी ने इन आरोपों को ये कहते हुए ख़ारिज किया था कि उनके 'भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ की गई है.'
लेकिन रविवार देर रात चुनाव आयोग ने वरुण के स्पष्टीकरण को ख़ारिज कर दिया और भारतीय जनता पार्टी से कहा कि वह उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाए.
चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी ने बीबीसी को बताया, "हमने रिकॉर्डिंग की पूरी जाँच कराई है और इसे सही पाया गया."
उन्होंने कहा कि संभवत: यह पहला मौका है जब किसी पार्टी को चुनाव आयोग ने ये सलाह दी हो कि अमुक व्यक्ति को पार्टी अपना प्रत्याशी न बनाए.
वरुण गांधी ने चुनाव आयोग को दिए जवाब में कहा था कि मीडिया ने उनके भाषण का भ्रामक प्रचार किया है.
संभवत: यह पहला मौका है जब किसी पार्टी को चुनाव आयोग ने ये सलाह दी हो कि अमुक व्यक्ति को पार्टी अपना प्रत्याशी न बनाए चुनाव आयुक्त एसवआई क़ुरैशी
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इस पर चुनाव आयुक्त का कहना था, "मीडिया की बातों को दरकिनार नहीं किया जा सकता. मीडिया हमारी आँख-कान है."
पिछले दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने भी कहा था कि वीडिय टेप सही प्रतीत होता है और वरुण गांधी को ही ये साबित करना होगा कि इसमें छेड़छाड़ की गई है.
वरुण गांधी ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थी.
मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा ने इस विवाद से अपने को दूर करने की कोशिश की और कहा कि वरुण गांधी को पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया है.
पीलीभीत ज़िला प्रशासन ने वरुण गांधी के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देने के लिए मामला दर्ज किया था.
लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम ज़मानत दे दी है.


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