दलाई लामा के दौरे पर प्रतिबंध

ये शांति सम्मेलन 2010 में फ़ुटबॉल विश्व कप के सिलसिले में होना था.
दक्षिण अफ़्रीका सरकार के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया है कि प्रतिबंध चीन सरकार के दवाब में लिया गया है. प्रवक्ता ने कहा कि वे नहीं चाहते कि विश्व कप के आयोजन के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटके.
इस सम्मेलन का मकसद था कि नस्लवाद के मुद्दे से निपटने के लिए कैसे फ़ुटबॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
दलाई लामा को न आने देने के विरोध में आर्चविशप डेसमंड टूटू ने सम्मेलन में हिस्सा ने लेने का फ़ैसला किया है.
इसमें नोबल पुरस्कार विजेता नेल्सन मंडेला और एफ़डब्ल्यू डी क्लर्क भी हिस्सा लेने वाले थे. लेकिन दलाई लामा के न आने के बाद अब एफ़डब्ल्यू डी क्लर्क भी सम्मेलन में शिरकत को लेकर दोबारा विचार कर रहे हैं जबकि नेल्सन मंडेला की स्थिति स्पष्ट नहीं है.
दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि सम्मेलन के आयोजकों ने दलाई लामा को बुलाने से पहले सरकार से सलाह नहीं ली थी.
उनका कहना था, दक्षिण अफ़्रीका सरकार को दलाई लामा से कोई परेशानी नहीं है. लेकिन इस समय हम चाहते हैं कि केंद्र बिंदु 2010 विश्व कप ही रहे. दक्षिण अफ़्रीका इसकी मेज़बानी कर रहा है. अगर दलाई लामा आते हैं तो ध्यान तिब्बत के मुद्दे पर चला जाएगा.
अटकलें लगाई जा रही हैं कि दक्षिण अफ़्रीका नहीं चाहता कि वे चीन के साथ अपने संबंध ख़राब करे. हालांकि प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया.
दलाई लामा 1996 और 2004 में दक्षिण अफ़्रीका जा चुके हैं.


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