सोनिया ने कर्नाटक में की कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरुआत (राउंडअप)
कर्नाटक के दावनगेर कस्बे में पार्टी द्वारा आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले तीसरे मोर्चे पर निशाना साधते हुए साधा," हमें नहीं पता कि कौन सी पार्टियां तीसरे मोर्चे से संबंधित हैं। कैसे और कब वे मिलीं। तीसरे मोर्चे में जितनी पार्टियां नहीं हैं उससे अधिक प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं।"
उल्लेखनीय है कि तीसरे मोर्चे का गठन 12 मार्च को किया गया था। इसके गठन के 11 दिन बाद सोनिया गांधी ने इस मोर्चे के प्रति पहली बार अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि भारत जैसे देश को ऐसी पार्टियां नहीं चला सकती। देश को स्थिरता, अनुभव और मनमोहन सिंह जैसी क्षमता चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों ने पहले देखा है कि जब भी एक गैर कांग्रेसी सरकार सत्ता में आई, देश कमजोर हुआ और अस्थिरता बढ़ी। उन्होंने विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर भी निशाना साधा।
विकास का वादा करते हुए सोनिया ने कहा, "आपको तय करना है कि आप कौन सी नीति पसंद करते हैं। आपके एक हाथ में कांग्रेस है जिसने देश को विकास के रास्ते पर लाया है। दूसरे हाथ में भाजपा है जिसके शासन काल में हर कोई परेशान हुआ।"
उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए उस पर आरोप लगाया कि वह सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा देने के साथ भारतीय लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रही है।
आतंकवाद पर सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी आतंकवाद से संघर्ष के मोर्चे पर समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की सरकार नहीं थी जिसने आतंकवादियों को जेल से रिहा किया और अफगानिस्तान तक पहुंचाया। सच्चाई तो यह है कि मेरी सार और पति आतंकवाद से लड़ते हुए इस देश के लिए अपनी जान दे दी।
इससे पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष आर. वी. देशपांडे ने आईएएनएस से यहां कहा, "राज्य के बीचोंबीच स्थित दावनगेर हमारे लिए महत्वपूर्ण है। यह वही जगह है जहां से वर्ष 1999 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी, जिस कारण हम राज्य की सत्ता में लौटे थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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