भारत को मिली दुनिया की सबसे सस्ती नैनो कार (राउंडअप)
टाटा ने भारतीयों के लिए एक ऐसी कार पेश करने का वादा किया था, जो उनकी आकांक्षाओं और बजट दोनों कसौटियों पर फिट बैठे।
आरंभिक तौर पर लाटरी के माध्यम से 100,000 नैनो कारों की बिक्री की जाएगी। पूरे देश में 30,000 केंद्रों पर आवेदन पत्र 300 रुपये मूल्य में उपलब्ध होंगे। टाटा वाहन के डीलरों के यहां और वेबसाइटों पर भी आवेदन पत्र उपलब्ध होंगे। कार के लिए न्यूनतम अग्रिम भुगतान 2,999 रुपये निर्धारित किया गया है।
ताज महल पैलेस और टावर्स होटल में जुटी भारतीय और विदेशी मीडिया के सामने रतन टाटा ने कहा, "हम अपना वादा पूरा कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने नैनो की कल्पना एक सस्ती कार के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए एक ऐसे आत्मीय वाहन के रूप में की थी, जो हर मौसम में उन्हें आरामदायक परिवहन मुहैया करा सके।"
टाटा ने कार की वास्तविक खुदरा कीमत की घोषणा बाद के लिए टाल दी, लेकिन उन्होंने कहा कि नैनो स्टैंडर्ड, डीलक्स और लग्जरी जैसे तीन मॉडलों में उपलब्ध होगी। बेस मॉडल में एयर कंडीशन सुविधा नहीं होगी।
वर्तमान समय में उत्तराखंड के पंतनगर और महाराष्ट्र के पुणे में नैनो का निर्माण किया जा रहा है। नैनो के निर्माण के लिए गुजरात के साणंद में स्थापित किए जा रहे कारखाने में वर्ष 2009 के अंत तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
टाटा ने कहा कि अमेरिकी बाजार के लिए भी नैनो का एक मॉडल विकसित किया जा रहा है। यह मॉडल वर्ष 2011 में सड़क पर आएगा।
लांचिग के दौरान कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि फैक्ट्री के दरवाजे पर नैनो की कीमत 100,000 रुपये है। पहली खेप के लिए बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को इतनी ही कीमत में नैनो मिलेगी।
इस बीच एकीकृत शोध संस्थान क्रिसिल रिसर्च के अनुसार टाटा मोटर्स द्वारा दुनिया की सबसे सस्ती नैनो कार की लांचिंग ने भारत को छोटी कारों का एक उत्पादन केंद्र बना दिया है। यह कार घरेलू कार बाजार का विस्तार कर सकती है।
क्रिसिल रिसर्च के प्रमुख सचिन माथुर के अनुसार नैनो ने भारत में कम कीमत वाले वाहन उत्पादन परितंत्र को रेखांकित किया है।
पिछले दो वर्षो के दौरान दुनिया भर में लांच की गई कम कीमत वाली कारों की कीमत नैनो से 50 प्रतिशत अधिक रही है।
वर्ष 2008-09 में 3 लाख छोटी कारों का निर्यात कर भारत छोटी कारों के उत्पादन का एक केंद्र बन चुका है। पिछले पांच वर्षो के दौरान छोटी कारों के निर्यात में 21 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2013 से 14 तक इस वृद्धि दर के दोगुना हो जाने की संभावना है।
उधर, पश्चिम बंगाल में नैनो कार परियोजना के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन करने वाली तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने सोमवार को मुंबई में नैनो की भव्य लांचिग से अपने को पूरी तरह अलग बनाए रखा। उन्होंने कहा, "इससे मेरा कोई मतलब नहीं है।"
नैनो की लांचिंग पर प्रतिक्रिया देने से इंकार करते हुए बनर्जी ने कहा, "यह मेरा काम नहीं है और मैं इसकी ओर ध्यान नहीं देती।"
दूसरी ओर जब टाटा से पूछा गया कि वह त्रिणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में क्या कहना चाहेंगे, तो उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में कहा, "ममता बनर्जी को मैं बस गुड आफ्टरनून (अपराह्न् का नमस्कार) ही कह सकता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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