चुनाव पूर्व ऑपरेशन ब्लूस्टार की यादों को उभारने का अकालियों का प्रयास
अमृतसर, 22 मार्च (आईएएनएस)। स्वर्ण मंदिर परिसर से आतंकवादियों को बाहर करने के लिए 25 वर्ष पहले जून 1984 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन ब्लूस्टार की कड़वी यादों को लोकसभा चुनावों में भुनाने के लिए फिर से उभारने का प्रयास किया जा रहा है।
सिख धर्म की छोटी संसद माने जाने वाली और स्वर्ण मंदिर सहित सिख धर्म स्थलों का प्रबंध देखने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने अपने वार्षिक कैलेंडर में जून 1984 के ऑपरेशन में बुरी तरह क्षतिग्रस्त अकाल तख्त की फोटो भी छापी है।
मंदिर परिसर में अपने नेता जनरैल सिंह भिंडरवाले के साथ छुपे आतंकवादियों के सफाए के लिए सेना ने भारी तोपखाने से गोलीबारी की थी।
एसजीपीसी में सत्तारूढ़ अकाली दल का वर्चस्व है। इससे साफ है कि संगठन सात और 13 मई को पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में समुदाय के उग्र तत्वों का समर्थन पाने की ओर देख रहा है।
दल खालसा के एक वरिष्ठ नेता कंवरपाल सिंह ने आईएएनएस से कहा कि ऑपरेशन ब्लूस्टार के कारणों और इससे सिख समुदाय को हुए नुकसान के बारे में लोगों की भ्रांतियों को दूर करने के लिए दल खालसा और दमदमी टकसाल सहित खालसा एक्शन समिति संयुक्त रूप से कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। इनमें सेमिनार और सम्मेलन शामिल हैं तथा मुख्य कार्यक्रम का आयोजन छह जून को ऑपरेशन की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित होगा।
दल खालसा और दमदमी टकसाल दोनों ही उग्रपंथी संगठन हैं और सिखों के स्वतंत्र राष्ट्र खालिस्तान की मांग करते रहे हैं।
दल खालसा के नेताओं की योजना स्वर्ण मंदिर के अंदर ब्लूस्टार में मारे गए लोगों के नामों का एक कोश भी बनाने की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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