आईपीएल को लेकर सरकार के रुख पर बरसी भाजपा, दूसरे दल हुए खुश (लीड-1)

सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने की गारंटी नहीं मिलने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को आयोजित आपात बैठक में इस प्रतिष्ठित ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता को किसी और देश में कराने का फैसला किया।

भाजपा ने आईपीएल आयोजन समिति के इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि आयोजन समिति को मजबूरन यह फैसला करना पड़ा है क्योंकि इसमें सरकार की भूमिका काफी जटिल रही है। राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल -युनाइटेड और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आईपीएल के भारत से बाहर जाने पर खुशी जताई, हालांकि कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल इस मामले को लेकर चुप्पी साध रखी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट बोर्ड (डीडीसीए) के अध्यक्ष अरुण जेटली ने आईपीएल को लेकर सरकार के रुख की जमकर आलोचना की है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेटली ने कहा, "सरकार के रवैये के कारण आईपीएल आयोजन समिति ने इस प्रतियोगिता को भारत के बाहर कराने का फैसला किया है। इससे अच्छा संकेत नहीं जाएगा और पाकिस्तान की तरह भारत को भी असुरक्षित खेल आयोजन स्थल समझा जाने लगेगा। जेटली के मुताबिक सरकार ने राष्ट्रहित में फैसला नहीं किया।"

जेटली ने याद दिलाया कि आईपीएल के पहले संस्करण के दौरान जब बेंगलुरू में मैच खेले जा रहे थे तब कर्नाटक में विधानसभा चुनाव चल रहे थे। सरकार ने बेहिचक इन मैचों को सुरक्षा मुहैया कराई थी। बकौल जेटली, "अगर चुनाव के दौरान एक राज्य में मैच कराया जा सकता है तो फिर आठ आयोजन स्थलों पर मैचों के लिए सुरक्षा मुहैया कराने में क्या दिक्कत आ सकती है। यह सरकार की नाकामी है और इसे क्रिकेट के तौर पर नहीं बल्कि राजनीति के तौर पर लिया गया है।"

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़कर ने इस मामले में पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार के अड़ियल रवैये का कारण देश की छवि खराब होगी। डावेड़कर ने आईएएनएस से कहा, "इससे भारत की छवि को लेकर दुनिया भर में गलत संदेश जाएगा। दुनिया समझेगी कि भारत क्रिकेट मैचों के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था नहीं कर सकता, जबकि यह खेल भारत में काफी लोकप्रिय है।"

कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा कि आईपीएल निजी आयोजकों द्वारा कराया जाने वाला एक निजी टूर्नामेंट है, लिहाजा इसे देश में या देश के बाहर कराने का फैसला वही कर सकते हैं। बकौल नटराजन, "आईपीएल एक निजी आयोजन है। इसके आयोजकों को अपने फैसले लेने का हक है। इस संबंध में मैं कोई विचार नहीं रख सकती।"

सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ सीधे तौर पर रार ठानने वाले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने इस मामले में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के घटक दल के रूप में कांग्रेस का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर लोकसभा चुनावों के दौरान आईपीएल का आयोजन होने नहीं देना चाहती।

जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष शरद यादव के विचार हालांकि लालू से बिल्कुल भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आईपीएल आयोजन समिति को पहले ही कह दिया था कि चुनाव के दौरान मैचों के लिए सुरक्षा मुहैया करा पाना उसके लिए संभव नहीं होगा। बकौल यादव, "ऐसे समय में जबकि करोडो़ं भारतीयों की किस्मत का फैसला हो रहा हो, मतदाताओं की सुरक्षा से बड़ी और कोई चीज हो ही नहीं सकती।"

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता डी. राजा ने कहा, "इस समय हम चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। गृह मंत्रालय ने आईपीएल आयोजन समिति को अपनी दिक्कतों से अवगत करा दिया था लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकला तो अपने हित में आईपीएल आयोजन समिति ने आयोजन स्थल बदलने का फैसला किया।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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