वरुण के खिलाफ निर्वाचन आयोग का कदम जल्दबाजी में : कृष्णमूर्ति
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त जी.वी.जी कृष्णमूर्ति ने कहा कि संभव है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार वरुण गांधी ने अपने कथित उत्तेजक भाषण से विवाद पैदा किया हो लेकिन उनके खिलाफ की गई कार्रवाई आयोग के न्यायाधिकार क्षेत्र से बाहर है, जो जल्दबाजी में की गई है।
कृष्णमूर्ति ने आईएएनएस से एक खास बातचीत में कहा कि निर्वाचन आयोग को वरुण गांधी के कथित भड़काऊ भाषण के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि केवल आधिकारिक गजट में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद ही आदर्श आचार संहिता लागू होती है। तब तक गांधी को निर्वाचन आयोग एक मान्यता प्राप्त उम्मीदवार नहीं मान सकता। उन्होंने कहा कि तब तक कोई भी आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है।
राष्ट्रपति की ओर से चुनाव की अधिसूचना सोमवार को जारी होने की उम्मीद है।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि आयोग ने जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए वरुण गांधी के खिलाफ जल्दबाजी में कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस ही उनके खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई कर सकती है।
उल्लेखनीय है निर्वाचन आयोग ने इस सप्ताह पीलीभीत से भाजपा उम्मीदवार वरुण को अपने प्रचार अभियान में मुस्लिम विरोधी भाषण के लिए नोटिस जारी किया है।
वरुण के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने आपराधिक कानूनों और जन प्रतिनिधित्व कानून के सेक्शन 125 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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