पाकिस्तान में इफ्तिखार चौधरी फिर प्रधान न्यायाधीश बने (लीड-1)
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार चौधरी ने शनिवार मध्य रात्रि को ही सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण कर लिया। पद संभालने के साथ ही चौधरी ने मुकदमों की सुनवाई के लिए न्यायाधीशों का पैनल भी नियुक्त कर दिया।
ज्ञात हो कि चौधरी और 60 अन्य न्यायाधीशों को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने नवंबर 2007 में पद मुक्त कर दिया था। मुशर्रफ को इस बात का डर था कि कहीं न्यायपालिका उन्हें राष्ट्रपति और सेना प्रमुख का पद एक साथ संभालने के अयोग्य न ठहरा दे।
न्यायाधीशों की बर्खास्तगी के बाद वकीलों और मुशर्रफ विरोधी पार्टियों ने बड़े पैमाने पर विरोध किया था। इस कारण मुशर्रफ के सहयोगी दलों को फरवरी 2008 में हुए चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो के पति आसिफ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा बनाए गए गठबंधन ने मुशर्रफ को अगस्त महीने में पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
ज्यादातर न्यायाधीशों ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया था, लेकिन चौधरी ने एक विवादित राष्ट्रपति के बनाए कानून के तहत नए सिरे से शपथ लेने से इंकार कर दिया था।
जरदारी, मुशर्रफ को हटा कर खुद राष्ट्रपति बन गए, लेकिन चौधरी की बहाली के अपने वादे से पीछे हट गए। परिणामस्वरूप नवाज शरीफ ने अपने को गठबंधन से अलग कर लिया।
हाल में नवाज शरीफ के नेतृत्व में वकीलों द्वारा शुरू किए गए लांग मार्च से घबराई पाकिस्तानी सरकार ने चौधरी समेत सभी बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली का एलान किया था।
खबर है कि सर्वोच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्यों ने चौधरी की आगवानी की और कहा कि वकील मंगलवार से कामकाज पर लौट आएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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