माया ब्रिगेड में कई अपराधी भी

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने प्रत्याशियों की सूची में जिन नेताओं को शामिल किया है, उनमें कई नेताओं के ऊपर हत्या, लूट, अपहरण, आदि के मामले दर्ज हैं। यही नहीं एक-दो तो जेल भी काट रहे हैं। इससे मायावती के वो सभी दावे खोखले साबित होते हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को पार्टी से टिकट नहीं देंगी।
आइये देखें माया ब्रिगेड के आखिर कौन-कौन से नेता आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। कुल मिलाकर ऐसे 9 नेताओं के नाम फिलहाल सामने आये हैं। इनमें बदायूं से डीपी यादव, वाराणसी से मुख्तार अंसारी, गाजीपुर से अफजाल अंसारी, जौनपुर से धनंजय सिंह, उन्नाव से अरुण शंकर शुक्ला, श्रावस्ती से रिजवान जहीर, मुजफ्फरनगर से कादिर राणा, अम्बेडकर नगर से राकेश पांडे और सुलतानपुर से मोहम्मद ताहिर खान शामिल हैं।
इन सभी पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। खास बात यह है कि बसपा प्रत्याशी मुख्तार अंसारी तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं।
धनंजय सिंह की बात करें तो वो हिस्ट्र-शीटर हैं और उनके खिलाफ हत्या के चार मुकदमें चल रहे हैं। वहीं उन्नाव प्रत्याशी अरुण शुक्ला भी पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्री-शीटर हैं। यही नहीं 1995 में मायावती पर गेस्टहाउस में हुए हमले के मामले में भी वो आरोपी हैं।
बदायुं से बसपा प्रत्याशी डीपी यादव पर हत्या, यौन उत्पीड़न और अपहरण के मामले दर्ज हैं। यही नहीं इनके पुत्र विकास यादव नितीश कटारा हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त हैं।
मुजफ्फरनगर से कादिर राणा पर हत्या का मुकदमा चल रहा है, जबकि अम्बेडकर नगर से राकेश पांडे दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी हैं। इनके अलावा कादिर खान और रिजवान जहीर पर भी अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं।
समाजवादी पार्टी पर हमेशा अपराधियों से साठगांठ का आरोप लगाने वाली मायावती ने बसपा से आपराधिक छवि वालों को टिकट दिए जाने के सवाल पर शुक्रवार को कहा, 'विपक्षी पहले इस मामले में खुद को देखें और इसके बाद किसी पर ऊंगली उठाए।'


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