बिहार में अकेले लड़ेगी कांग्रेस, लालू ने जताई असमर्थता (राउंडअप)
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सीटों का तालमेल न होने से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के प्रमुख घटक दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजग)और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की कांग्रेस से ठन गई है।
कांग्रेस ने शनिवार को एलान किया कि वह बिहार में अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी और 40 में से 37 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके तत्काल बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि हम इस मामले में कांग्रेस के लिए कुछ नहीं कर सकते।
हालांकि इसके बावजूद कांग्रेस और राजद ने दावा किया है कि केंद्र में संप्रग एकजुट है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "पार्टी के पास अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले का मतलब ये नहीं है कि संप्रग में फूट पड़ गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कभी भी गठबंधन तैयार किया जा सकता है। वर्ष 2004 में चुनाव के बाद ही तो संप्रग बना था।
उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां एकजुट हो जाएंगी।
उधर, कांग्रेस की घोषणा के चंद घंटे बाद ही लालू ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हम कांग्रेस को सिर्फ तीन ही सीटें देंगे। इसमें कोई समझौता नहीं होगा।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस यदि सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है तो उतारे, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चुनाव के बाद राजद की अहमियत समझ में आएगी।"
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए लालू ने कहा, "कांग्रेस यदि बिहार में इतनी ही मजबूत है तो वह हमसे सीटें क्यों मांग रही है। वह मजबूत होती तो हम उससे सीटें मांगने जाते न कि वह हमसे मांगने आती।"
उन्होंने कहा, "हम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सपं्रग) का हिस्सा हैं और आगे भी बने रहेंगे। बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान हम कांग्रेस की आलोचना भी नहीं करेंगे। मैं सोनियाजी का सम्मान करता हूं लेकिन बिहार के नेताओं का उनके ऊपर भारी दबाव है।"
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा, "राजद और लोजपा ने सीटों के बंटवारे के मामले में एकतरफा फैसला किया है। हमारे लिए उन्होंने महज तीन सीटें छोड़ी। इसकी जानकारी भी हमें मीडिया से ही मिली थी।"
उन्होंने कहा, "पिछली बार हम चार सीटों पर लड़े थे और तीन जीते थे। तीन सीटें हमारे लिए छोड़ने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने बिहार में अपने सहयोगियों के लिए तीन सीटें छोड़ी हैं। दो लालूजी के लिए और एक पासवानजी के लिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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