बिहार मे कांग्रेस सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में
बिहार में वर्ष 1989 से कांग्रेस के ग्राफ में गिरावट देखी जा रही है। वर्ष 1989 में कांग्रेस ने एकीकृत बिहार की सभी 54 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह मात्र चार सीटें ही जीत सकी थी जबकि 1984 में 45 सीटें कांग्रेस की झोली में थी। इसी तरह 1991 में कांग्रेस का सिर्फ एक प्रत्याशी ही जीत पाया था।
वर्ष 1998 और 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजद के साथ गठबंधन किया और दोनों बार चार सीटों पर ही कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी हुए। पिछले लोकसभा चुनाव में भी राजद ने चार सीटें कांग्रेस को दी, जिनमें से तीन पर उसने जीत दर्ज की।
आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बिहार में सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह का कहना है कि कांग्रेस सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सभी सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में बिहार के प्रतिनिधि उमाशंकर सिंह की माने तो राजद से गठबंधन के कारण सवर्ण तबके का कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक उससे छिटक गया था और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने से इस वोट बैंक को वापस लाया जा सकता है।
इधर, राजद सांसद रामकृपाल यादव ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में उम्मीद जताई कि कांग्रेस ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी तो वह 'वोट कटवा' के अलावा कुछ नहीं रह पाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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