मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामले में पहली बार पारदर्शी कार्रवाई : अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने शुक्रवार को मीडिया कर्मियों को यहां बताया, "मानवाधिकारों का उल्लंघन नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पहली बार ऐसे लोगों के खिलाफ पारदर्शी कार्रवाई की गई है, जिन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए दोषी पाया गया।"
उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि उत्तरी कश्मीर के बमई में स्थित सेना का शिविर चार या पांच दिनों के भीतर कहीं अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
अब्दुल्ला ने कहा, "सेना की टुकड़ी के कमांडर के साथ आयोजित एक बैठक में यह तय किया गया है कि बमई गांव में स्थित सेना का शिविर चार-पांच दिनों के भीतर कहीं उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।"
अब्दुल्ला ने कहा, "हमें भरोसा दिलाया गया है कि उत्तरी कश्मीर के बमई गांव में मारे गए नागरिकों के दोषियों को सजा देते समय सेना द्वारा की गई जांच के निष्कर्षो के साथ ही पुलिस द्वारा प्राप्त निष्कर्षो पर भी विचार किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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