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वरुण को मिली अग्रिम जमानत, आयोग को दिया नोटिस का जवाब (राउंडअप)

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उधर, वरुण ने निर्वाचन आयोग के नोटिस का जवाब दे दिया है। अपने जवाब में उन्होंने दोहराया कि कथित भाषणों के संकलन वाले टेप के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा है कि उनका उद्देश्य सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का नहीं था।

दिल्ली उच्च न्यायालय में वरुण के वकीलों ने तर्क दिया कि जिस टेप में उन्हें कथित आपत्तिजनक भाषणों को देते दिखाया गया है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। वरुण ने जो भाषण दिया था उसके पीछे साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने का उनका उद्देश्य भी नहीं था।

उच्च न्यायालय ने उन्हें 27 मार्च तक अग्रिम जमानत दे दी। वरुण के वकीलों के इस तर्क के बाद कि उत्तर प्रदेश में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं हैं, न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। उन्हें 50,000 के निजी मुचलके पर जमानत दी गई।

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के पोते और संजय व मेनका गांधी के बेटे वरुण के सचिव ने इससे पहले शुक्रवार को 10.30 बजे यहां निर्वाचन आयोग के दफ्तर में जवाब दाखिल किया। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि जवाब का अध्ययन करने के बाद ही वे कोई टिप्पणी की जाएगी।

भड़काऊ भाषण वाली सीडी सामने आने के बाद से वरुण विवादों में हैं। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी भाजपा ने इस मामले में उनसे दूरी बना ली है, जबकि कांग्रेस और वाम दलों ने उनकी उम्मीदवारी वापस लेने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि भड़काऊ भाषण देने के आरोप में वरुण के खिलाफ मंगलवार को आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वरुण ने दिल्ली उच्च न्यायलय में अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी।

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "वरुण गांधी ही पीलीभीत से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या वरुण के ऊपर लगे आरोप साबित हो जाए तो भी पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार बनाएगी तो इसके जवाब में जावडेकर ने कहा, "चुनाव आयोग के फैसले के बाद ही हम इस बारे में कोई निर्णय लेंगे।"

उधर कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव आयोग को सांप्रदायिकता से ओतप्रोत भाषण देने वाले पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार वरुण गांधी के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए।

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा वरुण गांधी को अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "चुनाव आयोग को वरुण गांधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इससे गलत संदेश जाएगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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