लाइसेंसी असलहों से पंजाब में चुनाव आयोग की नींद हराम
चंडीगढ़, 20 मार्च (आईएएनएस)। पिछले छह महीने के दौरान पंजाब में लगभग 9,000 असलहों के लाइसेंस जारी किए गए। अब इन असलहों ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग की नींद हराम कर दिया है।
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुसुमजीत सिद्धू ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों के असलहे समय के अंदर पुलिस थाने में जमा करा लें।
पंजाब के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "चिंता की बात यह है कि लाइसेंसी असलहों के अलावा सैकड़ों अवैध असलहे लोगों ने जमा कर रखे हैं। जहां तक लाइसेंसी असलहों का मामला है, हमें उम्मीद है कि लोग चुनाव पूर्व उन्हें जमा करा देंगे। हम कतई नहीं चाहते कि पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा हो।"
असलहों के प्रति पंजाब के प्रेम और आतंकवाद के पूर्व इतिहास के मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग की चिंता नाजायज नहीं है। राज्य में कुल 13 लोकसभा सीटें हैं। यहां 7 और 13 मई को वोट डाले जाने हैं।
एक चुनाव अधिकारी ने कहा, "राज्य चुनाव आयोग खासतौर से सीमावर्ती जिलों में मतदाताओं के पास मौजूद असलहों को लेकर चिंतित है।"
सीमा से लगे तरन तारन और फिरोजपुर जिलों में पिछले छह महीनों के दौरान लगभग 2,200 लोगों ने नए असलहों के लिए लाइसेंस हासिल किए। अकेले तरन तारन जिले में ही 1,100 लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके अलावा गुरुदासपुर और अमृतसर जिलों में पिछले छह महीनों के दौरान लगभग 600-600 असलहों के लाइसेंस जारी किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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