अतीत बखान रहे हैं कोलंबस के साथियों के दांत
इस अध्ययन में यूरोप में शुरुआत में आकर बसने वाले लोगों की जिंदगी को जानने की कोशिश की जा रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कंसिन-मैडीसन के प्रोफेसर टी. डगलस प्राइस ने बताया, "इस जांच से पता चल रहा है कि वे लोग कहां से आए थे और छुटपन में वे क्या खाते थे।"
प्राइस के नेतृत्व में टीम पूर्वी यूरोप के पहले शहर ला इसाबेला में करीब 20 साल पहले खुदाई में मिले तीन व्यक्तियों के अवशेषों के दांतों के एनेमल का विश्लेषण कर रही है। उनके विश्लेषण का आधार कार्बन, ऑक्सीजन और स्ट्रोर्निटम है।
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों का मानना है कि ला इसाबेला में एक गिरजाघर, सीमाशुल्क भवन जैसी सार्वजनिक इमारते, गोदाम, निजी निर्माण और किलों का अस्तित्व रहा होगा। इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि इसकी आबादी उन्हीं लोगों की रही होगी जो 17 पोतों के बेड़े में शामिल चालक दल के सदस्यों की रही होगी।
पहले इटली और डोमिनिकन पुरातत्वविदों ने इन अवशेषों का अध्ययन कर एकदम अलग तस्वीर पेश की थी। उनका कहना था ला इसाबेला में अफ्रीकी मूल के टैनोस महिला पुरुष और बच्चों की आबादी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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