वरुण ने हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

चुनाव आयोग के निर्देश पर वरुण गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किया गया है. मामला मुसलमान विरोधी बयान का है, जिससे वरुण गांधी इनकार करते हैं.
वरुण गांधी का दावा है कि उनके कथित बयानों वाली जो सीडी दिखाई जा रही है, वो सही नहीं है. उनका कहना है कि इसके पीछे राजनीतिक साज़िश है.
वरुण गांधी के ख़िलाफ़ बारखेड़ा पुलिस स्टेशन में सेक्शन 153 ए और 188 के तहत एफ़आईआर दर्ज किया गया है. इन धाराओं के अंतर्गत धार्मिक उन्माद भड़काने और सरकारी आदेश की अवज्ञा का मामला बनता है.
विवाद
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते और संजय-मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी आने वाले लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से भाजपा उम्मीदवार बनाए गए हैं.
इलाहाबाद हाई कोर्ट में एफ़आईआर को चुनौती देते हुए वरुण गांधी ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके भाषण के नौ दिनों बाद एफ़आईआर दर्ज हुआ है और ये उनके राजनीतिक करियर और धर्मनिरपेक्ष छवि को बर्बाद करने की साज़िश है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस वीडियो फुटेज के आधार पर चुनाव आयोग ने उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है.
एफ़आईआर में वरुण गांधी पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने आठ मार्च को भड़काऊ बयान दिया, जिससे एक समुदाय के लोगों के मन में असुरक्षा की भावना आई है.
एफ़आईआर में यह भी कहा गया है कि बिना आदेश के बैठक की गई, जो धारा 144 का उल्लंघन है. स्थानीय प्रशासन ने उस समय इलाक़े में धारा 144 लागू किया था.


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