मेघालय में राष्ट्रपति शासन लागू

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता के अनुसार, "राष्ट्रपति ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने वाली कैबिनेट की सिफ़ारिश पर अपना हस्ताक्षर कर दिया है."
मंगलवार को विवादास्पद विश्वासमत के दौरान तत्कालीन सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष के वोट की मदद से विश्वासमत जीत लिया था.
लेकिन बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर मेघालय में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश कर दी थी.
विवाद
विश्वासमत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष बीएम लानोंग पर ये इल्ज़ाम लगा था कि उन्होंने राज्यपाल के दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर चार विद्रोही विधायकों के मतों को अवैध क़रार दिया था.
इसलिए सरकार के विश्वासमत जीतने को लेकर सवाल खड़े हो गए और राज्यपाल आरएस मूसाहारी ने इसे राज्य में सांविधानिक तंत्र की अवहेलना मानते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की थी.
राज्यपाल ने रिपोर्ट में कहा था, "राज्य में सांविधानिक व्यवस्था टूट गई है इसलिए वहाँ राष्ट्रपति शासन लगाया जाए."
मंगलवार को विश्वासमत के दौरान हुए मतदान में 60 सदस्यों वाली विधानसभा के 27 सदस्यों ने पक्ष में और इतने ही सदस्यों ने विपक्ष में मतदान किया था.
परिणाम बराबरी पर आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने अपना मत भी दिया और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व वाली एमपीए सरकार बच गई थी.
राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को सदस्यों के मताधिकार पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा था लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने कुछ विद्रोही विधायकों के मतों को अवैध घोषित कर दिया.
तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने और दो मंत्रियों के सरकार से इस्तीफ़े के बाद एमपीए सरकार अल्पमत में आ गई थी.


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