महँगाई की दर एक प्रतिशत से भी कम

भारत में महँगाई की दर ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर पहुँच गई है. सात मार्च को ख़त्म हुए हफ़्ते में महँगाई मात्र 0.44 प्रतिशत रह गई है.वर्ष 1995 में जब से वर्तमान इंडेक्स शुरु हुआ था, तब से ये सबसे कम महँगाई की दर है.
इससे पहले फ़रवरी 2002 में महँगाई की दर न्यूनतम 1.13 प्रतिशत पर थी. थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महँगाई की दर इससे एक हफ़्ता पहले 2.43 प्रतिशत आंकी गई थी.
पिछले साल इसी हफ़्ते में महँगाई की दर 7.78 प्रतिशत थी और आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि अगली दो तिमाही में ये और घट सकती है और शून्य से भी कम हो सकती है.
ईंधन, खाद्य पदार्थ सस्ते
खाद्य पदार्थों में चना पाँच प्रतिशत सस्ता हुआ. चाय और फल-सब्ज़ियों के दाम भी तीन प्रतिशत गिरे. लेकिन मूँग दाल, समुद्री मछली की कीमत दो प्रतिशत बढ़ी है.
ट्यूबलाइटों, जेट ईंधन और कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की कीमत आठ प्रतिशत घटी है जबकि लाइट डीज़ल तेल के दाम में सात प्रतिशत की कमी आई है. पिछले साल दिसंबर में ईंधन की क़ीमतों में की गई कटौती के बाद से महँगाई की दर में गिरावट आने का सिलसिला जारी है.
ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय का कामकाज देख रहे प्रणब मुखर्जी ने रिज़र्व बैंक और अन्य बैंकों को हाल में सलाह दी थी कि वे सेवा कर और उत्पाद शुल्क में कटौती करें ताकि अर्थव्यवस्था में जान फूंकी जा सके.


Click it and Unblock the Notifications