रैली में लिट्टे के ध्वज का इस्तेमाल अवैध नहीं: टोरंटो पुलिस(लीड-1)
इससे पहले पुलिस ने कहा था कि वह इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इससे देश के नए आतंकवाद-निरोधक कानूनों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
कनाडा ब्राडकास्ट कार्पोरेशन ने पुलिस के एक प्रवक्ता के हवाले से खबर दी है कि उनके वकीलों को प्रदर्शनकारियों द्वारा लिट्टे के झंडे इस्तेमाल में लाने में कुछ भी अवैध नहीं लगा।
कनाडा की वर्तमान कंजर्वेटिव सरकार ने लिट्टे पर वर्ष 2006 में प्रतिबंध लगा दिया था। यह कदम लिट्टे द्वारा आत्मघाती हमलों को अंजाम देने तथा बाल सैनिकों की भर्ती करने के विरोध में उठाया गया था।
सोमवार को 50,000 से ज्यादा तमिलों ने शहर के मध्य में मानव श्रृंखला बनाकर कनाडा सरकार से लिट्टे पर लगा प्रतिबंध हटाने तथा स्वतंत्र तमिल ईलम की स्थापना में सहयोग मांगा था।
कनाडियन तमिल कांग्रेस के प्रवक्ता डेविड पूपलापिल्लै ने आईएएनएस को बताया, "रैली में हमने भविष्य के तमिल ईलम का राष्ट्रीय ध्वज लहराया था। वह किसी संगठन या लिट्टे का ध्वज नहीं था"
उन्होंने कहा कि कनाडा द्वारा लिट्टे पर लगाए गए प्रतिबंध के तहत उसके लिए धन एकत्र नहीं किया जा सकता लेकिन यहां हर किसी को शांतिपूर्ण ढंग से अपने राजनीतिक मत व्यक्त की आजादी है। सोमवार को हमने वही किया था।
कनाडा में किसी प्रतिबंधित संगठन के झंडे लहराए जाने की यह पहली घटना नहीं है। हिजबुल्ला और हमास के समर्थक अक्सर रैलियों में अपने संगठनों के झंडे लहराते हैं।
लिट्टे को कनाडा में रहने वाले 300,000 तमिलों का व्यापक समर्थन हासिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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