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राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हूँ:वरुण

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राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हूँ:वरुण

कथित भड़काऊ भाषण के बारे में भाजपा नेता वरुण गांधी ने कहा है कि वे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हुए हैं और सीडी के शब्द और आवाज़ उनकी नहीं है.

उन्होंने दिल्ली में मीडिया के सामने आकर कहा कि इस सीडी के साथ छेड़छाड़ की गई है और उसमें जो भाषण दिखाया गया है उसमें न तो शब्द उनके हैं और न आवाज़ उनकी है. उनका कहना था कि न तो उन्होंने ऐसा भाषण दिया है और न वे किसी संप्रदाय के ख़िलाफ़ है.

उल्लेखनीय है कि वरुण गांधी पर आरोप है कि पीलीभीत में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने गत छह मार्च को एक भाषण दिया था जिसमें उन्होंने कथित रुप से भड़काऊ भाषा में मुसलमानों के ख़िलाफ़ टिप्पणियाँ की हैं.

चुनाव आयोग ने वरुण गांधी के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देने के मामले में क़ानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है.

इस विवाद के बाद भाजपा के कई नेताओं ने इस टिप्पणी पर आपत्ति की है और ऐसा लगता है कि फ़िलहाल भाजपा ने वरुण गांधी से दूरी बना ली है.

सफ़ाई

बुधवार को मीडिया के सामने आए वरुण गांधी ने अपने भाषण के लिए कोई खेद व्यक्त नहीं जताया है और सवाल पूछा है अगर यह सीडी पहले बना ली गई थी तो इसे 16 तारीख़ को क्यों जारी किया गया.

अपना लिखित वक्तव्य पढ़ते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक हिंदू हूँ, एक गांधी हूँ और एक भारतीय हूँ और मुझे अपने धर्म पर गर्व है."

राजनीतिक षडयंत्र का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "यह मुझे सांप्रदायिक साबित करने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश है." उन्होंने कहा, "मैं किसी संप्रदाय के ख़िलाफ़ नहीं हूँ." लेकिन साथ ही उन्होंने यह सफ़ाई भी दी है कि उनके भाषण को संदर्भों से काटकर प्रस्तुत किया गया है. उनका कहना था कि उनके भाषण की ग़लत ढंग से प्रस्तुत किया गया है.

आपराधिक मामला

चुनाव आयोग के निर्देश पर पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने वरूण गांधी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है.

वरूण गांधी के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए के तहत मामला दायर किया गया है जिसमें दो समुदायों के बीच वैमनस्य भड़काने के लिए मुक़दमा चलाया जाता है.

आयोग ने वरुण गांधी को नोटिस जारी कर उनपर लगाए गए भड़काऊ भाषण देने और सदभाव बिगाड़ने के कथित आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगा है. वरूण गाँधी का कहना है कि उनके जिस कथित भाषण की चर्चा की जा रही है उसकी रिकॉर्डिंग के साथ छेड़छाड़ की गई है.

मगर स्वयँ वरूण गांधी की पार्टी के ही नेताओं ने उनके इस बयान पर सख़्त आपत्ति की है. विपक्षी दलों ने भी वरूण गांधी की आलोचनका करते हुए उनके विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की माँग की है.

पीलीभीत से वरुण गांधी की माँ, मेनका गांधी चुनाव लड़ती और जीतती रही हैं पर इसबार इस सीट पर वरुण गांधी किस्मत आजमाने जा रहे हैं.

भाषण पर विवाद

वरूण गांधी पर आरोप है कि उन्होंने छह मार्च को पीलीभीत में चुनाव प्रचार के दौरान अल्पसंख्यकों के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भड़काउ भाषण दिया था.

बताया गया है कि उन्होंने इस चुनावी सभा में कहा, "ये हाथ नहीं है, ये कमल की ताकत है जो किसी का सिर कलम कर सकता है."

वरुण गांधी मैं इसे बेवकूफ़ीपूर्ण मानता हूँ कि कोई अगर आपके गाल पर एक चांटा मारे तो आप दूसरा गाल आगे कर दें. उस..... के हाथ काट दो ताकि वो किसी दूसरे पर भी हाथ न उठा सके

मैं इसे बेवकूफ़ीपूर्ण मानता हूँ कि कोई अगर आपके गाल पर एक चांटा मारे तो आप दूसरा गाल आगे कर दें. उस..... के हाथ काट दो ताकि वो किसी दूसरे पर भी हाथ न उठा सके

टेलीविज़न चैनलों पर दिखाई जा रही वीडियो क्लिप में वरुण गांधी कह रहे हैं, "अगर कोई हिंदुओं की ओर हाथ बढ़ाता है या फिर ये सोचता हो कि हिंदू नेतृत्वविहीन हैं तो मैं गीता की कसम खाकर कहता हूँ कि मैं उस हाथ को काट डालूंगा."

अपने भाषणों में वरुण ने महात्मा गांधी की एक विश्व प्रसिद्ध अहिंसावादी टिप्पणी को भी ग़लत करार दिया है.

उन्होंने कहा, "मैं इसे बेवकूफ़ीपूर्ण मानता हूँ कि कोई अगर आपके गाल पर एक चांटा मारे तो आप दूसरा गाल आगे कर दें. उस..... के हाथ काट दो ताकि वो किसी दूसरे पर भी हाथ न उठा सके."

भाषणों में वरुण मुस्लिम नामों की हंसी उड़ाते और लादेन को पकड़ने का दावा करते भी नज़र आए.

पार्टी ने पल्ला झाड़ा

नेहरू गांधी परिवार से आने वाले वरुण गांधी, मेनका गांधी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे स्वर्गीय संजय गांधी के पुत्र हैं. उनके भाषण के कुछ अंशों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है.

हालाँकि वरुण गांधी ने पीलीभीत के ज़िलाधिकारी को दिए अपने जवाब में भड़काऊ भाषण देने के आरोप को ग़लत बताया है और इससे इनकार किया है. पर वरुण के भाषण की अब उनकी पार्टी में भी आलोचना हो रही है.

भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने वरुण की विवादित टिप्पणियों के लिए आलोचना की है. उन्होंने कहा कि वरुण ने जो कहा, वो भाजपा की परंपरागत संस्कृति नहीं हैं. उधर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "वो एक ऐसी पार्टी से जुड़े हैं जिसकी अल्पसंख्यक विरोधी विचारधारा है."

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