जोसेफ़ फ़्रिट्ज़ल ने बाक़ी आरोप भी माने

फ़्रिट्ज़ल बेटी के साथ बलात्कार और अनैतिक संबंध का आरोप तो पहले ही स्वीकार कर चुके थे अब उन्होंने बेटी को ज़बरदस्ती क़ैद में रखने और उससे पैदा हुए एक बच्चे की मौत की ज़िम्मेदारी भी स्वीकार कर ली.
जोसेफ़ फ़्रिट्ज़ल के ख़िलाफ़ जारी मुक़द्दमे का ये तीसरा दिन था और उस पर बलात्कार, अनैतिक संबंध, बेटी को ज़बरदस्ती क़ैद में रखने और बेटी से पैदा हुए एक बच्चे की हत्या का आरोप है.
अदालत में जोसेफ़ की बेटी एलिज़ाबेथ का बयान वीडियो टेप पर सुनाए जाने के बाद जब जज ने जोसेफ़ से पूछा कि अपनी बेटी का ये बयान सुनकर आपको क्या कहना है तो जोसेफ़ ने कहा, “मैं अपना अपराध स्वीकार करता हूँ.”
अपराध स्वीकार
इसी तरह जब जज ने पूछा कि आपकी बेटी ने जब आपको बताया कि आप दोनों के बच्चे को साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है तो आप उसका इलाज करवा सकते थे.
मैं उम्मीद कर रहा था कि वो बच्चा बच जाएगा मगर मुझे कुछ करना चाहिए था. मुझे पता नहीं कि मैंने मदद क्यों नहीं की. मैं शायद बात समझ ही नहीं सका जोसेफ़ फ़्रिट्ज़ल
| |
तब जोसेफ़ फ़्रिट्ज़ल ने कहा,“ इस मामले में भी मैं अपना अपराध स्वीकार करता हूँ.”
उसने कहा, "मैं उम्मीद कर रहा था कि वो बच्चा बच जाएगा मगर मुझे कुछ करना चाहिए था. मुझे पता नहीं कि मैंने मदद क्यों नहीं की. मैं शायद बात समझ ही नहीं सका."
अदालत से निकल कर जोसेफ़ फ़्रिट्ज़ल के वक़ील रूडॉल्फ़ मेयर का कहना था कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि जोसेफ़ अपनी ग़लती मान रहा है.
उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ही ज़्यादा आश्चर्य हुआ क्योंकि जोसेफ़ हमेशा ताक़तवर दिखना चाहता है लेकिन उसका कहना है कि उसने पहली बार अपनी बेटी एलिज़ाबेथ का वीडियो देखा और महसूस किया कि वो इसके बारे में क्या सोचती है.”
नाराज़ लोग
एक सरकारी डॉक्टर ने 73 वर्षीय फ़्रिट्ज़ल को मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के लिए भेजने की सिफ़ारिश की है.
फ़्रिट्ज़ल मुक़द्दमे के दौरान एक फ़ोल्डर के पीछे मुँह छिपाए हुए कोर्ट पहुँचे
ऑस्ट्रिया में लोगों में फ़्रिट्ज़ल को लेकर ख़ासी नाराज़गी है.
कोई उसे राक्षस बता रहा है तो किसी का कहना है कि फ़्रिट्ज़ल को भी उतने ही साल तक तहख़ाने में बंद कर देना चाहिए जितने साल उसने अपनी बेटी और उससे पैदा हुए सात बच्चों को वहाँ रखा.
माना जा रहा है कि गुरुवार को अदालत इस बारे में फ़ैसला सुना सकती है.
फ़्रिट्ज़ल ने 1984 में 18 वर्षीया बेटी को किसी बहाने से अपने ही घर के नीचे बिना किसी खिड़की वाले ऐसे तहख़ाने में ले जाकर बंद कर दिया था जहाँ से कोई आवाज़ भी बाहर नहीं जा सकती थी.
वहाँ उसने बेटी को बंद करके रखा और लगातार उसके साथ बलात्कार करता रहा.
बेटी और उससे पैदा हुए सात में से तीन बच्चे तब तक उसी तहख़ाने में रहे जब तक पिछले साल ये मामला दुनिया के सामने ही नहीं आया.


Click it and Unblock the Notifications