वरुण गांधी को पछतावा नहीं, भाजपा ने किनारा किया(लीड-2)
उधर भाजपा ने वरुण के हवाले से आ रही वैमनस्य भड़काने वाली खबरों से खुद को अलग कर लिया।
संवाददाताओं के समक्ष एक लिखित बयान पढ़ते हुए वरुण ने कहा, "मुझे अपने धर्म पर गर्व है और मैं इसके लिए माफी नहीं मागूंगा।" महज एक दिन पहले ही वरुण के खिलाफ कथित तौर पर वैमनस्य फैलाने वाले भाषण देने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
वरुण ने कहा, " मैं समान रूप से 'गांधी, हिंदू और एक भारतीय' हूं। मेरी कोशिश किसी समुदाय के खिलाफ दुर्भावना फैलाने की बिल्कुल नहीं थी और मैं सभी धर्मो और पंथों का समर्थन करता हूं।"
अपनी माता मेनका गांधी के सरकारी आवास के बाहर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हूं। सीडी में मेरे शब्द नहीं हैं और वह आवाज भी मेरी नहीं है। मैं पूरे देश से कहना चाहता हूं कि मेरा साथ दें।"
वरुण ने कहा कि वह भारत समर्थक हैं और किसी के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश एक समुदाय विशेष में विश्वास बहाल करने की थी।
उन्होंने पीलीभीत का हवाला देते हुए कहा कि यह संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है और यहां हथियारों की तस्करी की व्यापक आशंका रहती है।
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को वरुण के खिलाऊ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया तो वरुण ने कहा कि वह पार्टी के उचित मंच पर हर मसले पर स्पष्टीकरण देंगे। लेकिन ऐसा मेनका के आवास के बाहर किया गया ।
सूत्रों के अनुसार वरुण ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से चर्चा के बाद मेनका के आवास के बाहर संवाददाता सम्मेलन करने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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