उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में भीषण संघर्ष जारी

सेना का कहना है कि सोमवार को मुलईतिवु ज़िले में हुए संघर्ष में कम से कम 36 तमिल विद्रोही मारे गए हैं.
इस बीच अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति (आईसीआरसी) ने कहा है कि संघर्ष क्षेत्र में फंसे आम नागरिकों के लिए खाने-पीने के सामानों को लेकर एक और जहाज़ वहाँ पहुँच गया है.
हाल के महीनों में श्रीलंकाई सेना और तमिल विद्रोहियों के बाच जारी संघर्ष में सेना ने विद्रोहियों के कई ठिकानों को अपने क़ब्ज़े में कर लिया है. अब तमिल विद्रोही जंगल के छोटे से घेरे और मुलईतिवु ज़िले के तटीय इलाक़े में ही सिमटे हुए हैं.
अनुमान के मुताबिक संघर्ष क्षेत्र में 70 हज़ार से दो लाखों के बीच नागरिक फंसे हुए हैं.
पिछले 25 वर्षों से तमिल विद्रोही एक अलग राज्य की माँग को लेकर श्रीलंका में संघर्ष कर रहे हैं.
संघर्ष श्रेत्र में नागरिक
अब तक इस युद्ध में 70 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुक हैं.
सेना का कहना है कि मुलईतिवू में तमिल विद्रोहियों के बचे ठिकानों पर सेना कब्जा करना चाह रही है इस वजह से उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में संघर्ष और भी भीषण हो गया है.
संघर्ष के बाद सेना ने पुथुकुडिईरुप्पू इलाक़े में एक किलोमीटर क्षेत्र में फैले तमिल विद्रोहियों के बंकर को अपने क़ब्ज़े में कर लिया है श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता उदया नानायक्कारा
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सेना ने पुथुकुडिईरुप्पू इलाक़े में तमिल विद्रोहियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया है.
सेना के प्रवक्ता उदया नानायक्कारा ने बीबीसी को बताया, "संघर्ष के बाद सेना ने पुथुकुडिईरुप्पू इलाक़े में एक किलोमीटर क्षेत्र में फैले तमिल विद्रोहियों के बंकर को अपने क़ब्ज़े में कर लिया है."
तमिल विद्रोहियों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है और किसी स्वतंत्र स्रोत से सेना के वक्तव्यों की पुष्टि नहीं हो पाई है.
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सेना और विद्रोहियों के बीच जारी इस संघर्ष के बीच संघर्ष क्षेत्र में फंसे हज़ारों आम नागरिकों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है.


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